हाथरस। जलेसर रोड पर हुए हादसे में दो परिवारों का चिराग बुझ गया, जबकि एक परिवार का बेटा जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। तीनों ही परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। परिजन सदमे की हालत में हैं। तीनों छात्र बेहद गरीब परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। इनके माता-पिता मजदूरी करके अपनी गुजर-बसर करते हैं। यह तीनों छात्र पड़ोसी होने के साथ-साथ एक ही कुनबे से बताए जाते हैं। इसी तरह रोज परीक्षा देने एक साथ जाते थे, लेकिन दोनों छात्रों के परिजनों को क्या पता था कि वह इंटर की परीक्षा भी पूरी नहीं कर पाएंगे और इस तरह खेलने-खाने की उम्र में वह उन्हें छोड़कर चले जाएंगे। हादसे के बाद दोनों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतक हेमंत पुत्र कालीचरण की तो एक साल पहले ही शादी हुई है और उसकी पत्नी गर्भवती भी है। इतनी कम उम्र में अपने बच्चे का मुंह देखे बिना ही वह दुनिया से चला गया। हेमंत कुल भाई थे, जिनमें हेमंत सबसे बड़ा था और परिवार के भविष्य की उम्मीद भी उसी पर टिकी थी। तीनों छोटे भाई अभी पढ़ाई कर रहे हैं। इसी तरह प्रवीण पुत्र रामबाबू चार भाई-बहन थे। एक बड़ा भाई है तो दूसरा भाई उससे छोटा है। 10 वर्षीय एक बहन भी है। दोनों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे मोहल्ले में भी मातम सरीखा माहौल रहा। घरों के चूल्हे तक नहीं जले। हर कोई दो होनहारों की मौत पर अफसोस जताता नजर आया।