विवाद के बाद श्यामकुंज स्थित जमीन का निरीक्षण करते एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
हाथरस। स्थानीय श्यामकुंज आवास-विकास कॉलोनी के निकट एक खेल के मैदान को लेकर शनिवार को जमकर बखेड़ा हुआ। आरोप है कि जब एक विद्यालय के बच्चे वहां खेल रहे थे तो दूसरे कॉलेज के प्रधानाचार्य ने वहां 30-40 लोगों के साथ पहुंचकर मारपीट की और वहां फर्श और कुर्सी अपने कब्जे में ले ली। दोनों विद्यालय इस भूमि को अपना-अपना खेल का मैदान बता रहे हैं। हंगामे की जानकारी मिलने पर कोतवाली निरीक्षक ने तत्काल ही पुलिस फोर्स को वहां भेज दिया। दोनों पक्ष थाना कोतवाली आ गए। कोतवाली में दोनोें पक्षों में जमकर कहासुनी हुई। बाद में इस जमीन का एसडीएम सदर ने भी निरीक्षण किया।
स्थानीय श्यामकुंज, आवास-विकास कॉलोनी के निकट एमएलडीवी इंटर कॉलेज के सामने काफी समय से एक बड़ा भूखंड पड़ा है। एमएलडीवी इंटर कॉलेज इस भूखंड को अपना खेल मैदान बताया है और वहां प्ले ग्राउंड का बोर्ड भी लगा है। वहीं दूसरी ओर गली के बाहर आगरा रोड पर सरस्वती इंटर कॉलेज का प्रबंधन इस भूखंड को अपनी संपति बताता है। इस विद्यालय के कंट्रोलर एसडीएम सदर हैं। इस खेल मैदान पर एमएलडीवी इंटर कॉलेज के बच्चे खेलते रहे हैं। इस पर मिट्टी आदि भी डलवाई गई। इस जमीन को लेकर शनिवार को खासा बखेड़ा हो गया। एमएलडीवी इंटर कॉलेज के डिप्टी डायरेक्टर कुमुद कुमार गुप्ता का आरोप है कि वह और उनके कॉलेज के पीटीआई जब कॉलेज के प्ले ग्राउंड में बच्चों को पीटी करा रहे थे। तभी सरस्वती इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सत्यभान गुप्ता अपने साथ 30-40 लोगोें को लेकर आए और वहां आते ही मारपीट करना शुरू कर दिया।
आरोप है कि इन लोगोें ने पीटीआई शिक्षक और अन्य विद्यार्थियों के साथ जमकर मारपीट की। इन लोगों पर कुमुद कुमार गुप्ता ने जान से मारने का प्रयास करने, जान से मारने की धमकी देने और लूटपाट करने का भी आरोप लगाया है। हंगामे की सूचना मिलते ही 100 नंबर पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामला शांत कराया। दोनों पक्ष कोतवाली भी पहुंच गए। सरस्वती इंटर कॉलेज की प्रबंध समिति से सपा नेता भोला यादव भी जुड़े हैं। कोतवाली में दोनों पक्षों में फिर नोक-झोंक हो गई। बताते हैं कि जब एक पक्ष ने जब दूसरे पक्ष को कोतवाली निरीक्षक के सामने ही धमकी दे दी तो कोतवाली निरीक्षक ने उसे जमकर हड़का दिया। इस मामले में सरस्वती इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सत्यभान गुप्त का कहना है कि उनके विद्यालय को सार्वजनिक धार्मिक सभा संचालित करती है और इस समय विद्यालय के कंट्रोलर एसडीएम सदर हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें यह जानकारी मिली थी कि उनके विद्यालय की भूमि पर एमएलडीवी कॉलेज के लोग कब्जा कर रहे हैं तो वह कुछ स्टाफ के लोगों को लेकर वहां गए थे। वह इस एमएलडीवी कॉलेज के लोगों ने ही उनके साथ अभद्रता की और अपने कॉलेज के बच्चों को बुलाकर हंगामा किया। इसकी तहरीर उन्होंने भी कोतवाली में दे दी है। देर शाम एसडीएम सदर ने वहां भूमि का निरीक्षण किया।