शासन स्तर से अनाज घोटाले में यह जिला फिर सुर्खियों में आ गया है। अब त्योहार के बाद जिले में अनाज घोटाले की तह खंगालने के लिए एसटीएफ की टीम आएगी। इसे लेकर कोटेदारों सहित विभागीय अधिकारी भी परेशान हैं।
एसटीएफ के आने की संभावना को देखते हुए कोटेदारों ने अपने रजिस्टरों के साथ अपने स्टॉक को पूरा करना शुरू कर दिया है। जिले में अवैध रुप से सरकारी खाद्यान्न का स्टॉक रखने वालों पर भी कार्रवाई लगभग तय मानी जा रही है।
एसटीएफ की जांच के मद्देनजर रविवार को बड़े कोटेदारों ने निजी स्थानों पर शहर और ग्रामीण क्षेत्र के कोटेदारों के साथ बैठकें कीं। इस मौके अपने स्टॉक को पूरा करने और विभागीय कार्रवाई से बचने के तरीके खोजे गए।
वहीं विभागीय अधिकारियों ने एसटीएफ के आने से पहले ही अपने रिकार्डों को पूरा कर लिया है। विभागीय जांच को भी एसटीएफ की टीम नए सिरे से जांचने की बात सामने आ रही है। वही कोटेदार भी अनाज घोटाले में अपने बचाव में विभाग के अधिकारियों की भूमिका को भी उजागर करने का मूड बना रहे हैं। ऐसे में कई विभागीय अधिकारी और कर्मचारी भी इस घोटाले में फंस सकते हैं।