खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने खान-पान की दुकानों व होटल-ढाबों पर छापेमारी की। इन दुकानों से नमूने भी भरे गए। सभी होटल-ढाबे वालों को खाद्य सुरक्षा का पंजीकरण कराने एवं मानक के अनुसार खान-पान के सामान की सुरक्षा रखने के निर्देश दिए गए।
अभिहीत अधिकारी एफडीए देवाशीष उपाध्याय के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सड़क व हाइवे के किनारे खान-पान का कारोबार करने वालों के यहां छापेमारी की। टीम ने मुरसान रोड हाथरस पर बृजवासी ढाबा से दही का नमूना भरा। वैष्णो ढाबा दयालपुर से गैलेक्सी रिफाइंड, सोयाबीन ऑयल और तैयार अरहर की दाल का नमूना लिया। जय बजरंग फैमिली ढाबा दयालपुर से दही और पनीर का नमूना लिया गया।
मां वैष्णो देवी फैमिली ढाबा मथुरा रोड से अरहर की दाल और पनीर का नमूना भरा गया। किसी भी ढाबे पर खाद्य लाइसेंस नहीं पाया गया। लिहाजा इन लोगों को चेतावनी दी गई कि बिना खाद्य लाइसेंस के कारोबार करने पर छह माह की सजा एवं पांच लाख रुपये की पेनाल्टी लगाई जा सकती है। ढाबों पर काम करने वाले सभी कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच एवं पानी की जांच, स्वच्छता, फ्रिज की सफाई, एप्रिन पहनने आदि के लिए निर्देश दिए गए। इन सभी को सुधार नोटिस भी जारी किए गए। इनको शीघ्र ही लाइसेंस बनवाने के निर्देश भी जारी किए गए। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेश कुमार, बीएन कटारिया, मुनेंद्र सिंह राना, राकेश कुमार आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।