हाथरस। पंचायत चुनाव के सात महीने बाद जिले में प्रधानी के चुनाव की रंजिश सिर उठाने लगी है। अब तक तो छोटे-बड़े झगड़ों के मामले ही सामने आ रहे थे, लेकिन बीते पंचायत चुनाव के बाद किसी प्रधान की हत्या का यह पहला मामला है, जिसने पुलिस-प्रशासन को भी हिलाकर रख दिया। मौत के घाट उतारे गए प्रधान के परिचिताें और परिजनों की मानें तो गांव में उनकी चुनाव को काफी समय से रंजिश चल रही थी। हालांकि यह रंजिश अभी तक मुखर नहीं हुई थी और न हीं ऐसा कोई झगड़ा हुआ, जिससे यह लगे कि नौबत यहां तक पहुंच सकती थी।
परिजनों के मुताबिक चुनाव के दौरान प्रधान राजकुमार ने अधिकारियों को शिकायत देकर हत्या की आशंका भी जताई थी, लेकिन उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया, फिर भी चुनाव से लेकर अब तक का समय तो शांति से कट गया। न तो प्रधान और न हीं उनके परिजनों को कतई यह अंदाजा रहा होगा कि एकाएक राजकुमार की इस जघन्य तरीके से हत्या कर दी जाएगी। यही वजह रही कि राजकुमार बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के अकेले ही बाइक पर घर से निकले थे और हमलावरों ने इसका फायदा उठाया।
ये घटनाएं रही हैं अब तक सुर्खियों में
इससे पूर्व पांच माह पूर्व चंदपा थाना परिसर में भी चुनावी रंजिश को लेकर दो पक्षों में मारपीट और पथराव हुआ था। जिले में चुनावी रंजिश में झगड़े का यह पहला मामला था। सादाबाद के वेदई में भी पूर्व प्रधान के भाई की हत्या हो चुकी है, जबकि क्षेत्र में मारपीट की भी कई घटनाएं हो चुकी हैं। सादाबाद के अरौठा में भी चुनावी रंजिश में एक वृद्ध की हत्या कर दी गई थी। सिकंदराराऊ में बढ़ानूं के प्रधान के साथ तहसील परिसर में मारपीट समेत झगड़े की कई घटनाएं हो चुकी हैं।
प्रशासनिक अधिकारियाें के नहीं आने पर फूटा गुस्सा
हाथरस। विधिपुर-शेरपुर के ग्राम प्रधान राजकुमार की हत्या की खबर जंगल में आग की तरह पूरे जिले में फैल गई। आनन-फानन जिले भर के ग्राम प्रधान मौके पर पहुंच गए। राजनेताओं का भी घटनास्थल से लेकर जिला अस्पताल तक तांता लग गया। बेखौफ अंदाज में एक प्रधान की हत्या से ग्राम प्रधानों में काफी आक्रोश था। काफी देर तक डीएम के मौके पर नहीं पहुंचने से भी प्रधान आक्रोशित दिखे। उनका कहना था कि एक जनप्रतिनिधि की जघन्य तरीके से हत्या हुई है और जिला प्रशासन का कोई भी अफसर मौके पर नहीं है। इससे ज्यादा अफसोसजनक बात क्या होगी।
डीएम को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर प्रधानों ने जिला अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। उनकी पुलिस अधिकारियों से तीखी नोक-झोंक भी हुई। एएसपी ने बताया कि डीएम को फोन कर दिया गया है। पुलिस अपनी कार्यवाही कर रही है, इसलिए वह शांति रखकर सहयोग दें। जिला अस्पताल में प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष धर्मवीर सिंह समेत जिले के काफी ग्राम प्रधान और भाजपा जिलाध्यक्ष रामवीर सिंह परमार, सपा नेता तेजवीर सिंह सिसौदिया, अजय शर्मा आदि नेता भी वहां पहुंच गए। इनके सामने भी प्रधानों ने डीएम या किसी प्रशासनिक अधिकारी को बुलाने की मांग रखी, ताकि उनके सामने मृतक के परिजनों को आर्थिक मदद दिलवाने समेत जरूरी मांगें रखी जा सकें। पोस्टमार्टम हाउस पर सपा नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री रामजीलाल सुमन भी पहुंच गए। उनके सामने भी प्रधानों ने प्रशासनिक अफसरों के नहीं आने की शिकायत की तो सुमन ने डीएम को फोन लगाया तो उन्हें बताया गया कि डीएम किसान दिवस की बैठक में हैं। पीएम हाउस पर बसपा नेता व जिला पंचायत सदस्य रामेश्वर उपाध्याय भी पहुंच गए और मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाया।
पीएम में देरी को लेकर भी नाराजगी
पोस्टमार्टम में देरी को लेकर प्रधानों और मृत प्रधान के समर्थकों ने पीएम हाउस पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जल्द से जल्द शव को पोस्टमार्टम करके परिजनों के हवाले किया जाए। लोगों का कहना था कि काफी देर से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन न तो यहां डॉक्टर हैं और न हीं पीएम हाउस का ताला खुला हुआ है। मौके पर पहुंचे रामजीलाल सुमन से भी इन लोगों ने जल्द पोस्टमार्टम की मांग की तो सुमन ने फोन पर एसपी अजयपाल से बात की।
घटना वाकई गंभीर है। चुनावी रंजिश में हत्या की बात सामने आ रही है। इसकी गहनता से छानबीन चल रही है। हत्यारों की पहचान कराई जा रही है। घटना के खुलासे के लिए टीम बनाई जा रही हैं। जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
डॉ. अजयपाल, एसपी हाथरस