बाटा चौक पर बने गड्ढे में फंसकर स्कूटर गिरने से तीन साल के पवित्र वाधवा की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने फरीदाबाद पुलिस से हादसे से संबंधित विभागों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। पुलिस को यह रिपोर्ट चार सप्ताह के भीतर आयोग को भेजनी है।
मालूम हो कि 2 फरवरी 2014 की रात सेक्टर-16 निवासी मनोज वाधवा पत्नी टीना और तीन वर्षीय बेटे पवित्र के साथ बल्लभगढ़ से वापस घर लौट रहे थे। बाटा चौक के पास सड़क पर गड्ढे में पानी भरा होने की वजह से वह अनुमान नहीं लगा सके और उनका स्कूटर फंस कर गिर गया।
वह संभल पाते इससे पहले पीछे से आ रहे वाहन ने उनकी पत्नी को कुचल दिया। हादसे में पवित्र की मौत हो गई थी जबकि टीना का कई माह तक इलाज चला था। हादसे की वजह नेशनल हाईवे अथॉरिटी को ठहराते हुए मनोज वाधवा ने पुलिस और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत की थी।
मनोज के मुताबिक पुलिस ने भी हादसे में एनएचएआई अधिकारियों की लापरवाही मानी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने इंसाफ पाने के लिए मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से भी गुहार लगाई। उन्होंने मई 2014 में आयोग से इसकी शिकायत की थी।
तब से आयोग पुलिस को कई बार इस मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपने को कह चुका है, मगर पुलिस ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। अब आयोग ने पुलिस को चार हफ्ते का समय देते हुए रिपोर्ट सौंपने को कहा। यदि पुलिस ने तय समय सीमा में जवाब नहीं दिया तो आयोग आला अधिकारियों को तलब भी कर सकता है।