नशे के गोरखधंधे के लिए कुख्यात रिंकू वार्ष्णेय को सदर कोतवाली पुलिस ने एक किलो नशीले पाउडर डायजापाम के साथ दबोचकर जेल भेज दिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई दिवाली के त्योहार के एन मौके पर की जब रिंकू अपने गोरखधंधे में व्यस्त था। रिंकू चंद रोज पहले ही जेल से जमानत पर बाहर आया था और आते ही उसने फिर से नशे के कारोबार की जड़े फैलाना शुरू कर दिया था।
रिंकू पर करीब दो साल पहले अपने ड्राइवर रॉकेंद्र उर्फ रॉकी निवासी लहरा की हत्या कर उसके शव को अपने अक्रूर इंटर कॉलेज स्थित घर में जलाने का आरोपहै। पुलिस ने रॉकी के अधजले शव को जलेसर रोड स्थित गंदे नाले से बरामद करने के बाद उसे जेल भेज दिया था, तभी से रिंकू जेल में बंद था। उस पर कई संगीन आरोपों में पहले से मुकदमा चल रहा है। एनडीपीएस के दो मामलों में उसे कोर्ट से सजा भी हो चुकी है। इनमें से एक मामले में उसे आठ साल की और दूसरे मामले में दस साल की सजा हुई है। इन मामलों में उसने हाईकोर्ट में अपील की हुई है। सदर कोतवाल जेएस पवार का कहना है कि रिंकू हाथरस गेट थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर हत्या और एनडीपीएस के मुकदमे चल रहे हैं।
एक महीने पहले जमानत पर बाहर आने के बाद से रिंकू तेजी से सक्रिय हो रहा था। उसका घर भले ही थाना हाथरस गेट क्षेत्र में है, लेकिन घर से चंद कदम की दूरी पर सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित की दुकानों से वह अपने नशे के कारोबार को फैलाने में लगा था। सदर कोतवाली पुलिस बीते कई दिन से उसे दबोचने की फिराक में थी। दिवाली के मौके पर पुलिस ने आरोपी को गोपेश्वर मंदिर के बाहर से दबोच लिया। तलाशी में उसके पास से एक किलो नशीला पदार्थ मिला। एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को कोर्ट में पेश किए जाने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।