अगर आप किसी से पुरानी बाइक खरीदने की सोच रहे हैं तो जरा सतर्क हो जाएं। सहपऊ पुलिस और एसओजी ने एक ऐसे अंतर्जनपदीय गैंग के दो सदस्याें को दबोचने में कामयाबी पाई है, जो चोरी की बाइकों की फर्जी आरसी तैयार कर लोगों को बेच देता है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की सात बाइकें भी बरामद की हैं। इनकी कीमत चार लाख रुपये के करीब है। इनमें से ज्यादातर बाइकें मथुरा से चोरी की गई हैं। एसपी दिलीप कुमार ने पुलिस लाइन में पत्रकारों को बताया कि पुलिस को सहपऊ में गैंग के होने की भनक लगी थी।
एएसपी संसार सिंह और सीओ मनीषा सिंह के नेतृत्व में एसओजी और सहपऊ पुलिस ने गैंग के सदस्यों को घेर लिया। सहपऊ के मौजी गांव का रनवीर पुत्र महाराज सिंह और नीरज उर्फ ढफला पुत्र तेजवीर सिंह को दबोच लिया गया, जबकि गैंग का सरगना बच्चू सिंह निवासी मौजी भाग निकला। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह आसपास जिलों में ही अपना गैंग चलाते हैं।
बच्चू सिंह चोरी की बाइकों की फर्जी आरसी बनवाकर उन्हें बिकवाता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक तमंचा और चार कारतूस भी बरामद किए हैं। एसपी दिलीप कुमार ने पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का इनाम भी दिया है। प्रेसवार्ता में एएसपी संसार सिंह व सीओ मनीषा सिंह भी मौजूद रहीं।
वहीं सादाबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आगरा रोड स्थित टोल प्लाजा के पास एक ढाबे पर खडे़ ट्रक से 1020 साइज के 32 टायर चोरी हो गए। घटना के संबंध में वरुणा कंपनी के सुपरवाइजर सिलकराम पुत्र रामकुमार निवासी पेतवाड़ थाना नारनोद हिसार ने थाने में अज्ञात के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया है।
रिपोर्ट में कहा कि 26 नवंबर को ट्रक का चालक बलवीर पुत्र चेतराम निवासी लहसर थाना कामा जनपद भरतपुर अपने साथी खलासी गुड्डू उर्फ मोती सिंह पुत्र रामवीर सिंह निवासी नगला वीखर थाना जगनेर जनपद आगरा के साथ चला था।
जिसमें 196 अपोलो टायर लदे हुए थे। ट्रक चालक ने बताया गया कि वह 30 नवंबर रात 10 बजे ढाबे पर ट्रक को साइड में खड़ा करके खाना खाया। खाना खाकर चालक तथा खलासी ट्रक की केबिन में सो गए। सुबह जागने पर ट्रक को देखा तो पिछले हिस्से में लगी सील टूटी पड़ी है और दरवाजा बंद है। दरवाजा खोलकर देखने पर पिछले हिस्से में रखे 32 टायर गायब थे।
ट्रक ड्राईवर की सूचना के बाद सिलकराम मौके पर आए और देखा कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने कोहरे का लाभ उठाकर ट्रक से टायर चोरी कर लिए हैं।