शहर के एक नर्सिंग होम में डेबिट कार्ड से पेमेंट नहीं लेना बच्चे की जान पर भारी पड़ गया। इंजेक्शन उसी नर्सिंग होम के मेडिकल स्टोर से मिलना था। काउंटर से कैश पर ही इंजेक्शन देने की बात पर नवजात के पिता व दादा एटीएम से रकम निकालने चले गए। जब तक रकम निकालकर लाते तीन दिन के बच्चे की मौत हो गई। परिवार वालों ने कोतवाली पुलिस को मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ तहरीर दी है।
30 नवंबर को मालवीय रोड स्थित एक नर्सिंग होम पर यहीं के रहने वाले विश्वनाथ मिश्रा ने बहू को भर्ती कराया। उसी दिन ऑपरेशन से बेटा पैदा हुआ। दो दिन सब कुछ ठीक रहा मगर तीसरे दिन बच्चे की तबियत खराब होने लगी तो नर्सिंग होम के डॉक्टर ने किसी अन्य जगह बालरोग विशेषज्ञ को दिखाने की सलाह दी। देर रात जब बच्चे के पिता व दादा उसे लेकर एक दूसरे नर्सिंग होम पर गए तो वहा उसे एडमिट कर लिया गया। वहां डॉक्टर ने तुरंत दवा और इंजेक्शन लाने को कहा।
पर्ची पर डॉक्टर की लिखी दवा लेने पिता नर्सिंग होम में ही मौजूद मेडिकल स्टोर पर पहुंचे जहां दवा लेने के बाद कार्ड से भुगतान करने की बात कही लेकिन काउंटर से दवा देने से मना कर दिया। नेट बैंकिग से पेमेंट करने की कोशिश की फिर भी मेडिकल स्टोर संचालक तैयार नहीं हुआ। परिवार के लोग अन्य मेडिकल स्टोर भागे लेकिन सभी ने इंजेक्शन सिर्फ डॉक्टर के ही नर्सिंग होम में मिलने की बात कही। मजबूरन पिता एटीएम से रुपये निकालने लाइन में लग गए। जब तक वह कैश लेकर आते बच्चे की सांसे थम गईं।