हाथरस। कोतवाली हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव जाफराबाद के निकट मोपेड पर सवार होकर गांव नूरपुर से लाड़पुर जा रहे तीन छात्र बुधवार की दोपहर को आलू से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉला की चपेट में आ गए। हादसे में दो छात्रों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। तीनों छात्र इंटरमीडिएट की परीक्षा देने सेठ रघुनाथ प्रसाद इंटर कॉलेज लाड़पुर जा रहे थे। घायल को उपचार के लिए बागला जिला अस्पताल लाया गया, जहां से गंभीर अवस्था में उसे अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। घटना से आक्रोशित लोगों ने रोड पर पडे़ शवों के पास ही जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर केहरी सिंह, सीओ सिटी प्रीती सिंह एवं सदर विधायक गेंदालाल व बसपा नेता रामेश्वर उपाध्याय ने लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवा दिया। इस दौरान ग्रामीणों की कई बार पुलिस से तीखी नोक-झोंक भी हुई। पुलिस के अनुसार गांव नूरपुर मेवली निवासी प्रवीन कुमार पुत्र रामबाबू, हेमंत कुमार पुत्र कालीचरन और हरेंद्र कुमार पुत्र रामप्रसाद श्रीराधेलाल इंटर कॉलेज ऐंहन में इंटरमीडिएट के विद्यार्थी थे। उनका इंटरमीडिएट का परीक्षा केंद्र सेठ रघुनाथ प्रसाद इंटर कॉलेज लाड़पुर को बनाया गया था। यह तीनों अपने गांव से रसायन विज्ञान द्वितीय प्रश्न पत्र की परीक्षा देने के लिए मोपेड पर सवार होकर आ रहे थे। गांव जाफराबाद के निकट इन तीनों ने आलू से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को ओवरटेक करने के प्रयास किए। रोड के बराबर में फुटपाथ नहीं होने के कारण इनकी मोपेड फिसल गई। इस दौरान यह तीनों इस ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आ गए, जिससे दो परीक्षार्थियों प्रवीन कुमार और हेमंत की कुछ देर तड़पने के बाद मौके पर ही मौत हो गई। हरेंद्र गंभीर रूप से घायल हुआ है। मोपेड पर तीन विद्यार्थी सवार थे और तीनों में से किसी ने हेलमेट नहीं पहना था। सूचना मिलने पर नूरपुर मेवली और आसपास के गांवों के लोगों की भी मौके पर एकत्रित हो गई। इन लोगों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइकें रोड पर खड़ी करके जाम लगा दिया। कई थानों का पुलिस फोर्स और आला अधिकारियों के अलावा बसपा नेता रामेश्वर उपाध्याय भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों से बात कर पीड़ित परिवारों को पांच-पांच बीघा के भूमि आवंटन, पांच-पांच लाख रुपये सीएम राहत कोष से दिलाने एवं 30-30 हजार रुपये राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना से दिलवाने का भरोसा दिलाया। तब कहीं जाकर जाम खुल सका। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया, जबकि ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में ले लिया गया है।