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हाथरस में फिल्म महारानी पद्मावती का जबर्दस्त विरोध, भंसाली का पुतला

Fri, 17 Nov 2017 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
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फिल्म पद्मावती के विरोध में पुतला दहन करते क्षत्रिय समाज के लोग। - फोटो : amar ujala
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अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के बैनरतले गुरूवार को शहर में फिल्म पद्मावती का जोरदार विरोध जताया गया। महासभा के पदाधिकारियों ने इस फिल्म के निर्माता संजयलीला भंसाली की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकालकर पुतले को आग के हवाले कर दिया। आक्रोशित लोगों ने पुतले पर जमकर जूते बरसाए और जमकर नारेबाजी की। सिकंदराराऊ के विधायक वीरेंद्र सिंह राना इस मौके पर मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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महासभा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सुबह पुरानी कलेक्ट्रेट पर एकत्रित हुए। यहां से फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली गई। शवयात्रा शहर के कई मार्गों से होकर गुजरी। यह प्रतीकात्मक शवयात्रा वापस तालाब चौराहे पर पहुंची। वहां पहुंचकर पुतले को आग के हवाले कर दिया गया। पुतला दहन से पूर्व पुतले पर जमकर जूते बरसाए गए। सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राना ने कहा कि इतिहास के साथ छेड़छाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

फिल्म में जिस तरीके से महारानी पद्मावती के जीवन चरित्र को दर्शाया गया है, वह राजपूतों का अपमान है। इस अपमान को बिल्कुल सहन नहीं किया जाएगा। इसके बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर अरुण कुमार को विधायक और महासभा के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा है कि फिल्म पद्मावती का प्रेम प्रसंग उलाउद्दीन खिलजी से दर्शाया गया है। रानी पद्मावती के करेक्टर को इतिहास से छेड़छाड़ एवं तोड़-मरोड़ करते हुए नाचते गाते हुए दर्शाया गया है, जोकि बहुत ही निंदनीय और शर्मनाक है।
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हिंदू समाज के लोगों का घोर अपमान है। क्षत्रिय समाज ने सदैव हिंदू समाज की रक्षा एवं संरक्षण का कार्य किया है। ज्ञापन में इस फिल्म के प्रदर्शन और रिलीज किए जाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की गई। सिनेमाघरों के मालिकों से भी इस फिल्म को अपने सिनेमाघरों एवं थियेटरों में नहीं चलाए जाने का आह्वान किया। यदि इस फिल्म को पूर्णत: प्रतिबंधित नहीं किया गया तो इस फिल्म को लेकर बढ़ते हुए जनाक्रोश को देखते हुए देश और प्रदेश में हिंसा भड़कने का भी पूरा अंदेशा है।

इस मौके पर जिलाध्यक्ष योगेंद्र कुमार, राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री मतेंद्र सिंह गहलोत, मानपाल सिंह पौरुष, भीकम सिंह चौहान, रनवीर सिंह पौरुष, बृजमोहन सिंह चौहान, प्रताप सिंह राघव, किशन सिंह राठौर, नीरेश कुमार सिंह, हरीबाबू राना, प्रहलाद सिंह, राजेंद्र सिंह, राजू, विपनेश सिसौदिया, हरेंद्र सिंह, पिंटू भाई, हरेंद्र तोमर, छत्रपाल सिंह, प्रताप सिंह, सत्यपाल सिंह सेंगर आदि थे।  
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