व्यापारी नेता विपिन वार्ष्णेय के भाई कपड़ा व्यापारी मनोज वार्ष्णेय की पत्नी रेनू उर्फ रिमझिम के लिए पुजारी के बेटे पर भरोसा करना जानलेवा बन गया। पड़ोस के गोपाल जी मंदिर के पुजारी के बेटे धीरज से मिला मिश्री का प्रसाद खाने के बाद रेनू बेहोश हो गई और उसके बाद बदमाशों घर में डकैती की वारदात को इत्मीनान से अंजाम दिया। पूछताछ में बताया गया कि मिश्री में ही बेहोशी की दवा मिलाई गई थी। अफसोस की बात तो यह है कि इस जघन्य लूट और हत्याकांड में शामिल दोनों युवकों की उम्र 20 वर्ष के आसपास है, लेकिन इस घटना के बाद उन्होंने अपने अच्छे-खासे भविष्य को बर्बादी के कगार पर ला खड़ा किया है।
पुलिस की पड़ताल में पता चला है कि 11 मई की दोपहर 11 बजे पुजारी कैलाशचंद्र के छोटे लड़के धीरज (22 वर्ष) ने हवन का प्रसाद देने के बहाने घर का दरवाजा खुलवाकर घर में प्रवेश पा लिया। कहा कि हवन का प्रसाद लाया हूं, खा लीजिए। चूंकि धीरज अक्सर घर में आकर मंदिर में होने वाले कार्यक्रमों की सूचना देता रहता था, इसलिए रेनू और अन्य परिजनों का उस पर पूरा भरोसा था। वह अक्सर प्रसाद देकर जाता था। दो दिन पूर्व भी वह घर में यह कहकर आया था कि बंदर उसकी चप्पल छत पर ले आया है। इसके बाद उसने छत के गेट के ताले को खोला और पूरी छत का निरीक्षण किया। इसके बाद उसने गेट पर ताला नहीं लगाया और चला गया। मिश्री के प्रसाद में मिली बेहोशी की दवा के चलते रेनू को नशा हो गया। इस दौरान धीरज ने अपने एक अन्य साथी सचिन पुत्र फीलू को घर के अंदर बुला लिया। सचिन भी मृतका के घर से थोड़ा ही आगे रहता है। इसके बाद इन सभी ने मिलकर घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने जांच के दौरान मेज पर नाश्ते के समान के जार के ऊपर मिश्री की पुड़िया को टारगेट बनाया और जांच आगे बढ़ाई। मिश्री की पुड़िया ने ही पुजारी के बेटे पर शक पैदा किया। वारदात के पश्चात दो दिन पूर्व पुजारी का लड़का गायब हो गया। उसके पिता और भाई को पुलिस ने उठा लिया था।
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