दबिश देने के लिए पूर्व मंत्री के आवास पर पहुंची पुलिस
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हाथरस। पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय के भाई रामेश्वर की गिरफ्तारी को शुक्रवार को कई थानों की पुलिस व पीएसी के दबिश देने पर खासा हंगामा हुआ। पुलिस ने विधायक रामवीर उपाध्याय के आगरा रोड स्थित आवास तथा रामेश्वर के घर भी दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिले। पुलिस की इस कार्यवाही से गुस्साए बसपा नेताओं ने कोतवाली घेरकर जमकर नारेबाजी की।
दरअसल तीन साल पहले सपा विधायक देवेंद्र अग्रवाल के बेटे रजत अग्रवाल पर हुए जानलेवा हमले के मामले में सीजेएम कोर्ट ने पूर्व मंत्री के अनुज रामेश्वर समेत पांच लोगों के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया था। इसी वारंट की तामीली को सीओ सिटी प्रीति सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल ने जिला पंचायत सदस्य रामेश्वर की तलाश में उनके बामौली गांव स्थित पैतृक आवास और सादाबाद में उनके भाई जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय के घर भी दबिश दी। हालांकि दबिश में कोई भी आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा।
दबिश के विरोध में जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय के नेतृत्व में बसपा नेताओं ने लेबर कॉलोनी स्थित आवास से सदर कोतवाली तक पैदल मार्च किया और पुलिस प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की। बसपा नेताओं ने कोतवाली का घेराव करते हुए दबिश देने वाले पुलिस अधिकारियों पर घर में तोड़फोड़, लूटपाट और अभद्रता करने का आरोप लगाया और उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। बसपा नेताओं ने कहा कि पुलिस सत्ता के इशारे पर पूर्व मंत्री रामवीर की प्रतिष्ठा को धूमिल करना चाहती है। वहीं विधायक देवेंद्र अग्रवाल ने पूर्व मंत्री और उनके परिवार पर कानून और न्यायालय के काम में रोड़ा डालने का आरोप लगाया है। कोतवाली में मौजूद एसपी ने कहा कि कोर्ट के आदेश के अनुपालन में यह कार्रवाई की गई है। सत्ता के दबाव का आरोप गलत है। जहां तक पुलिसकर्मियों के अभद्रता करने का सवाल है तो वह इस मामले में जांच कराएंगे।