हाथरस। लूट की वारदातों से पूरा जिला थर्रा गया है। पुलिस ने हाथरस जंक्शन और एआरटीओ ऑफिस के पास हुई अलग-अलग मुठभेड़ में चार शातिर बदमाशों को दबोच लिया है। पुलिस के मुताबिक पूरा गैंग दस लोगों का है। अलीगढ़ जेल में सजा के दौरान इन्होंने छूटने पर लूट की योजना बनाई थी। यहां वाहन चोरी कर लूट को अंजाम दे रहे थे। स्थानीय अपराधियों की मदद से व्यापारियों से लूट कर रहे थे और अपने रिश्तेदारों के यहां लूट का माल खपा रहे थे। पुलिस की नजर अब लुटेरों के मुखबिरों और उनके रिश्तेदारों पर है। जल्द ही इनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
अपने कार्यालय पर प्रेसवार्ता में लूट की वारदातों का खुलासा करते हुए एसपी ने बताया कि हाथरस जंक्शन पुलिस की शुक्रवार रात को बदमाशों से मुठभेड़ हो गई थी। कैलोरा चौराहे से जलेसर रोड के बीच कई घंटे चली मुठभेड़ में एक बदमाश पुष्पेंद्र पुत्र रमेश चंद्र निवासी बरला, अलीगढ़ पैर में दो गोलियां लगने से घायल हो गया था, जबकि एसओ हाथरस जंक्शन अखिलेश त्रिपाठी और एक सिपाही भी बदमाशों की फायरिंग में बाल-बाल बच गए थे। इन्हें मामूली चोट आई थी। तीनों का उपचार जिला अस्पताल में कराया गया था।
हाथरस जंक्शन में शुक्रवार देर रात मुठभेड़ के बाद मौके से पुष्पेंद्र के तीन साथी बदमाश बाइक पर भाग निकले थे, जिन्हें कुछ ही देर बाद एआरटीओ कार्यालय के पास मुठभेड़ में पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस ने गैंग के सरगना राजू उर्फ राजकुमार पुत्र कालीचरन निवासी लालगढ़ी, सासनी, प्रताप पुत्र गंगाराम निवासी गांधी चौक, छतारी, बुलंदशहर, राजा उर्फ हसीम पुत्र छोटे खां निवासी बंटू नगर, कासगंज व हाल निवासी बन्ना देवी अलीगढ़ को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि इसके साथी रितेश उर्फ ढोंगी पुत्र चंद्रपाल निवासी निनामई, सासनी और नंगा पुत्र रामजीलाल निवासी छौंक, हाथरस जंक्शन भाग निकले। आरोपियों से पुलिस ने दो तमंचे, एक छुरी, दो मोटरसाइकिल और लूट के 47 हजार रुपये बरामद किए हैं।
मुखबिर की सूचना पर लूटा गया जूता व्यापारी
हाथरस। पकड़े गए बदमाशाें ने गौशाला रोड पर अटलटाल गली में जूता व्यापारी शिवशंकर गुप्ता से हुई 1.80 लाख रुपये की लूट की बात कबूल की है। बदमाशों ने पुलिस को बताया कि जिस थैले को लूटा गया था, उसमें केवल 80 हजार रुपये थे। उन्हें वहीं के एक मुखबिर ने व्यापारी के रोज थैला लेकर आने के बारे में बताया था और लूट से पहले लोकेशन दी थी। पुलिस ने इस आरोपी की पहचान कर ली है। यह आरोपी अभी फरार है। पुलिस के मुताबिक जल्द ही यह पकड़ में होगा।
पढ़े-लिखे और शातिर हैं गैंग के सदस्य
एसपी ने बताया कि गैंग के सभी सदस्य बेहद होशियार हैं। कई तो काफी पढ़े लिखे भी हैं। इनमें से एक आरोपी एमबीए कर रहा है। फिलहाल वह फरार है। इतना ही नहीं हर बार वारदात में यह दो से तीन नए युवकों को अपने साथ जोड़ते हैं, जिनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं होता। पकड़े जाने के डर से वारदात को अंजाम देते समय मोबाइल साथ नहीं रखते। एसपी ने बताया कि सभी बदमाश संगठित गिरोह बनाकर लूट, चोरी और वाहन चोरी का जघन्य अपराध करते हैं। गैंग के सरगना राजू पर दर्जनभर से ज्यादा मुकदमे हैं। शुक्रवार की रात को भी मुठभेड़ से पहले इनकी योजना हाथरस से बाइक चोरी कर सादाबाद पहुंचने की थी। वहां से मैक्स चोरी करने के बाद यह हाथरस में ट्रैक्टर-ट्रॉली लूटने की योजना बना रहे थे।
इकबाल-ए-जुर्म
24 मई को अटलटाल गली में जूता व्यापारी से हुई 1.80 लाख रुपये की लूट की थी।
14 मई को नगला घना मोड़ से बाइक सवार दंपति से 50 हजार की नगदी और जेवरात लूटे थे।
13 मई को चालक को बंधक बनाकर सहपऊ से ट्रैक्टर-ट्रॉली लूटी।
सात मई को कंकाली मंदिर के पास 50 हजार रुपये की लूट।
सात मई को मुरसान के गांव सूखा व खुटीपुरी के बीच दंपति से जेवरात।
तीन मई को बरौस टोल से पहले एक व्यक्ति को गोली मारकर 19 किलोग्राम चांदी के घुंघरू लूटे थे।
27 अप्रैल को मुरसान में दंपति से जेवरात व नकदी लूटे।
25 अप्रैल की रात को गुरसौटी के पास प्याज से भरा एक ट्रक लूटा था।
18 मार्च को विजयगढ़ में केनरा बैंक के सामने 1.80 लाख रुपयों से भरा थैला लूटा था।
अलीगढ़ के थाना क्वार्सी से सेंट्रो कार व बाइक चोरी।
पुलिस पार्टी को दस हजार का इनाम
बदमाशों से असल मुठभेड़ के बाद इन्हें दबोचने में पुलिस ने साहस का परिचय दिया है। एसपी ने हाथरस गेट पुलिस और एसओजी टीम को दस हजार रुपये के ईनाम की घोषणा की है।