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कक्षा की छत का प्लास्टर गिरा, छह बच्चे जख्मी

Thu, 27 Sep 2018 12:04 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ /सादाबाद, हाथरस।
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सीएचसी सादाबाद में उपचाराधीन सहपऊ के गांव गुतहरा मीरपुरा के स्कूल की छत का प्लास्टर गिरने से घायल बच्चे। - फोटो : Amar Ujala
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क्षेत्र के ग्राम पंचायत गुतहरा के मौजा मीरपुरा में जर्जर प्राथमिक विद्यालय की इमारत के एक कमरे की छत से प्लास्टर गिरने से वहां पढ़ रहे छह बच्चे घायल हो गए। हादसे के समय कमरे में करीब 30 बच्चे बैठकर पढ़ रहे थे। प्लास्टर का कुछ हिस्सा बच्चों को पढ़ा रहे अध्यापक के ऊपर भी गिरा, जिससे उन्हें भी चोटें आईं। छह बच्चों को इलाज के लिए सीएचसी सादाबाद भेजा। दो बच्चों की हालत अधिक गंभीर होने के कारण उन्हें आगरा रेफर किया गया है। बताते हैं कि विद्यालय की इमारत को बने हुए अभी पूरे दस साल भी नहीं हुए हैं। बच्चों का हाल जानने के लिए मौके पर एसडीएम ज्योत्सना बंधु और सीओ योगेश कुमार भी पहुंच गए। 

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गांव मीरपुरा के प्राथमिक विद्यालय में बुधवार की दोपहर को 11.40 बजे एक कमरे में बैठे 30 बच्चों की हिंदी की कॉपियों को वहां तैनात अध्यापक मनोज कुमार चेक कर रहे थे। उस समय विद्यालय के 74 बच्चों में से 49 बच्चे स्कूल में पढ़ने आए थे। अचानक छत का प्लास्टर भरभराकर गिर पड़ा। कई बच्चे मलबे की चपेट में आकर घायल हो गए। हालांकि अध्यापक को भी चोट आईं, लेकिन वह अपनी चोट भूलकर बच्चों को बाहर निकालने में जुट गए। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। वह भी बच्चों को निकालने में जुट गए।

 

प्रधानाध्यापक और अध्यापक ने 108 एवं 102 दोनों एंबुलेंस को मोबाइल फोन से सूचना दी। सूचना के बाद एंबुलेंस घटना स्थल पर पहुंची। एंबुलेंस के पहुंचने तक बच्चे रोते-बिलखते रहे। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जगदीश चंद्र भी घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने भी घायल बच्चों को एंबुलेंस में बैठाकर सीएचसी पर भेज दिया। जो बच्चे कम चुटैल थे, उनके चेहरे पर घटना की दहशत साफ दिख रही थी।

 

वह सभी एक स्वर में कह रहे थे कि वह अब स्कूल पढ़ने नहीं आएंगे। ग्रामीणों में भी इस दुर्घटना को लेकर काफी आक्रोश था। उनका कहना था कि उनके बार -बार कहने के बावजूद विभाग ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। घायल बच्चों में तनु पुत्री शीलेंद्र (सात वर्ष) लखन पुत्र कमल सिंह (8 वर्ष), अर्जुन पुत्र पुष्पेंद्र (8 वर्ष), करन पुत्र पप्पू (7 वर्ष), प्रियंका पुत्री राजेंद्र कुमार (7 वर्ष), गौरव पुत्र तेजपाल (9 वर्ष) थे, जिनमें से करन, प्रियंका एवं लखन को अधिक गंभीर हालत में आगरा रेफर कर दिया गया है। जब एबीएसए ,बीएसए एवं एसडीएम सादाबाद से इस घटना के बारे में मोबाइल से जानकारी लेने चाही तो सबके मोबाइल फोन पर घंटी बजती रही, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया।

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