मंगलवार को हादसे में ट्रैक्टर के नीचे दबकर हुई चालक की मौत के बाद आधी रात को चालक का शव सीएचसी में बहार बेंच पर रख दिया। इससे गुस्साए परिजनों ने हंगामा करते हुए चौकीदार, दो स्टाफ नर्स और सीएचसी प्रभारी से अभद्रता कर दी। इस मामले को लेकर सीएचसी प्रभारी ने कोतवाली में तहरीर दी है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार को पिलुआ निवासी कन्हैया की ट्रैक्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी। कन्हैया के शव को सीएचसी में पहुंचाया गया, लेकिन उसके परिजनों के इंतजार में शव को सीएचसी में बेंच पर रख दिया। रात्रि करीब 12 बजे आधा दर्जन लोग एक गाड़ी में भर कर सीएचसी पहुंचे। शव को बेंच पर रख हंगामा करने लगे कि शव को खुले में क्यों रखा है, अंदर क्यों नहीं रखा। इस बात को लेकर इन लोगों ने चौकीदार जगदीश तथा स्टाफ नर्स मीनू, नीतू के साथ अभद्रता की। शोर शराबा सुन कर सीएचसी प्रभारी डॉ. के के शर्मा आ गए तथा मामले को शांत करने की कोशिश की तो उनके साथ भी अभद्रता कर दी गई। काफी देर तक हंगामे के बाद सभी लोग देख लेने की धमकी देते चले गए।
प्रभारी चिकित्सक डॉ. के के शर्मा ने बताया कि सीएचसी में शव रखने की कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए शव को बाहर बेंच पर रखा जाता है। दुर्घटना में मृत लोगों को पुलिस भी इसी बेंच पर लिटा कर पंचनामा आदि भरती है। मामले को लेकर गाड़ी संख्या यूपी 82 एक्स 6062 तथा आधा दर्जन अज्ञातों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दे दी गई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।