हाथरस ब्लॉक के गांव विधिपुर में 30 सितंबर को होने जा रहे प्रधान पद के उपचुनाव से पहले खूनी रंजिश एक बार फिर सामने आई है। सदर तहसील में दिवंगत प्रधान रामकुमार के भाइयों को बाइक सवार दो युवकों ने गोली मार दी।
गोली रामकुमार के चचेरे भाई के बाएं पैर में लगी। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद युवक को अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। हमले के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मंगलवार देर शाम तक इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था।
मालूम हो कि 20 जुलाई को विधिपुर के प्रधान रामकुमार की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। हत्या के आरोप में गांव के छह लोगों को नामजद किया गया था। आरोपी अब जेल में हैं। रामकुमार के छोटे भाई पुष्पेंद्र पुत्र मोहन सिंह के मुताबिक उपचुनाव में दिवंगत प्रधान की पत्नी मधुबाला को खड़ा किया गया है। बुधवार को पर्चा दाखिल करने की आखिरी तारीख है। इसलिए मंगलवार को पुष्पेंद्र, उसका चचेरा भाई जयवेंद्र पुत्र रामराज, अवधेश, राजकुमार, सतीश, डैनी और रामकुमार की बेटी अंजलि सदर तहसील में एक वकील के पास दाखिल किए जाने वाले पर्चे की जांच करवाने जा रहे थे।
पुष्पेंद्र के मुताबिक मंगलवार दोपहर करीब एक बजे सदर तहसील के मुख्य गेट से अंदर आते ही दो बाइक सवार युवक वहां पहुंचे और उन्होंने पीछे से तमंचे से गोली मार दी। इनमें से एक रामकुमार की हत्या के आरोपी का भाई भी था, जो चुनाव के मैदान में है। पुष्पेंद्र के मुताबिक आरोपी गोली मारने के बाद भाग निकले। निशाना पुष्पेंद्र को बनाया गया था, लेकिन गोली चचेरे भाई जयवेंद्र के पैर में जा लगी। इसके बाद आनन-फानन सभी जयवेंद्र को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे।
यहां हाथरस गेट एसओ केपी सिंह पहले से ही एक मामले की जांच कर रहे थे। पुष्पेंद्र से पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद उन्होंने आरोपियों की तलाश के लिए विधिपुर में पुलिस की एक टीम भेज दी।
पुष्पेंद्र ने पुलिस को बताया कि आरोपी पिछले कई दिन से उसके पीछे लग थे। इससे पहले भी कई बार उनके परिवार पर हमला बोला जा चुका है। अस्पताल में उपचार के बाद जयवेंद्र को रेफर कर दिया गया। वहीं एसओ केपी सिंह का कहना है कि अभी तक इस मामले में तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस अपनी ओर से मामले की जांच कर रही है। तहरीर मिलने पर आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।