पिछले एक साल से लापता युवक का कोई सुराग नहीं लग सका है। परिजन सूबे के आला पुलिस अधिकारियों से मिलकर नितिन का पता लगाने की गुहार लगा चुके हैं तो वहीं कोतवाली पुलिस ने भी तमाम कोशिशों के बाद अब हथियार डाल दिए हैं।
परिजनों ने हाईकोर्ट में नितिन को हाजिर कराने के लिए बंदी पृत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों के अलावा पुलिस अधिकारियों को भी कोर्ट में हाजिर होकर इस मामले में अपना पक्ष रखने को कहा है।
परिजनों के मुताबिक सात अगस्त 2015 को नितिन कंपनी के काम से गाजियाबाद गया था, जिसके बाद से ही उसका पता नहीं है।
कई दिन तक नितिन का पता नहीं लगने पर पिता पवन कुमार ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया और नितिन की कंपनी के मालिक को आरोपी बनाया था। कंपनी मालिक ने नितिन पर रुपयों के लेनदेन में गड़बड़ी का आरोप लगाया था।
परिजन नितिन का पता लगाने के लिए बीते साल दिसंबर में लखनऊ में आईजी क्राइम व एडीजे कानून व्यवस्था से भी मिले थे। अधिकारियेां के आश्वासन के बावजूद नितिन का कोई पता नहीं चल सका है।