तमना गढ़ी के रिक्शा चालक नवीन की हत्या की गुत्थी उलझती जा रही है। कई दिन बाद अब जांच की दिशा बदलती नजर आ रही है। पुलिस ने रविवार को नवीन के परिजनों से थाने में काफी देर तक पूछताछ की।
इस दौरान सीओ सिटी सुमन कनौजिया और एसओजी प्रभारी महेश चंद्र भी मौजूद रहे। एक दिन पहले शनिवार को ही नवीन के परिजनों ने पुलिस पर नामजद हत्यारोपी को अवैध हिरासत में रखने ओर उसे जानबूझकर जेल नहीं भेजने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर शिकायत की थी।
परिजनों ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा था पुलिस ने नामजद आरोपी बनी सिंह को नौ दिन से थाने में बैठा रखा है, लेकिन पुलिस उसे जेल नहीं भेज रही। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपी से साठगांठ कर उसे बचाना चाहती है। वहीं पुलिस इस मामले में जांच के बाद गिरफ्तारी की बात कहती रही है। कोतवाल अनिल कुमार सिंह का कहना है कि नवीन की हत्या के मामले में गहराई से जांच की जा रही है। आला अधिकारी पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं। पुलिस जांच पूरी होने तक किसी को जेल भेजना नहीं चाहती।
जांच के बाद इस मामले में जो भी आरोपी होगा, उसकी गिरफ्तारी की जाएगी। मालूम हो कि तमना गढ़ी निवासी नवीन (24) पुत्र धनपत ई-रिक्शा चलाता है। 22 फरवरी की रात नवीन अपने कमरे में पत्नी और बच्ची के साथ सो रहा था। रात करीब एक बजे करीब छह लोग छत से लोहे का जाल हटाकर आंगन में दाखिल हुए, फिर कमरे में पहुंचे और धारदार हथियार से नवीन का गला रेत दिया। घटना को अंजाम देकर हमलावर छत के रास्ते ही भाग गए थे। हाल ही में एक मार्च को आगरा में उपचार के दौरान नवीन की मौत हो गई थी।