हाथरस। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने लूट एवं हत्या के एक आरोपी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोषी को सश्रम आजीवन कारावास एवं 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में दोषी को 10 माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
कोतवाली सिकंदराराऊ में जितेंद्र पचौरी निवासी गांव अगराना ने पुलिस को 23 फरवरी, 2001 को एक तहरीर दी, जिसमें आरोप था कि उसके भाई यतेंद्र पचौरी सिकंदराराऊ में बैट्री की दुकान करते थे। रोजाना सुबह वह मोटरसाइकिल से सिकंदराराऊ जाते थे और शाम को करीब सात बजे दुकान बंद करके गांव आते थे। रोज की तरह दुकान बंद कर शाम करीब साढ़े सात बजे आ रहे थे। तभी रास्ते में नौकस के करीब बंबे की पटरी पर पहुंचते ही अज्ञात बदमाशों ने उसके भाई की गोली मारकर हत्या कर दी और उनकी बाइक यामहा यूपी 81डी- 9576 और सोने की चेन, हाथ की घड़ी और कुछ नकदी छीनकर फरार हो गए।
पुलिस ने मामले की छानबीन की और रविंद्र और प्रमोद कुमार निवासी जोगामई कोतवाली पिलुआ एटा के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे के दौरान ही रविंद्र की मौत हो गई। न्यायालय ने दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुना और सजा का फैसला सुनाया। वादी की ओर से पैरवी एडीजीसी केपी सिंह ने की।