हाथरस। हत्या के एक मामले में अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने दो लोगाें को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 20-20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोनों को दस-दस महीने की अतिरिक्त कैद भी भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक मोहम्मद यूनिस ने थाना सिकंदराराऊ में 21 अक्तूबर 1999 को तहरीर देकर कहा कि वह मोहल्ला नौरंगाबाद पश्चिमी सिकंदराराऊ का रहने वाला है। वह परचूनी की दुकान करता है। 17 अक्तूबर 1999 को उसका पुत्र रिजवान उर्फ गुड्डू अपनी दुकान पर बैठा हुआ था। दोपहर करीब तीन बजे वह अपनी दुकान पर पहुंचा तो उसका लड़का वहां मौजूद नहीं था। उसने अपने बेटे को काफी तलाश किया, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। उसे शैलेश पुत्र नारायण ने बताया कि उसके बेटे को चार आदमी ले गए हैं, जबकि मोहल्ले के लोगों का कहना था कि उनके बेटे को शैलेष पुत्र नारायण निवासी मोहल्ला नौरंगाबाद पूर्वी अंबेडकरनगर दुकान से बुलाकर ले गया है। मोहम्मद यूनिस ने आशंका जताई थी कि उसके पुत्र गुड्डू को शैलेश व उसके साथियों ने मिलकर जान से मार दिया है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने इस मामले में शैलेश और अनिल कुमार पुत्र झम्मनलाल निवासी नौरंगाबाद पूर्वी को दोषी करार देते हुए सजा का फैसला सुनाया। न्यायालय ने जुर्माने की 70 फीसदी धनराशि मृतक के परिजनों को प्रतिकर के रूप में दिलाने के भी आदेश दिए हैं।