एडीजे पंचम योगेंद्र राम गुप्ता ने पुत्री की हत्या के आरोपी पिता को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने अभियुक्त को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर अभियुक्त को छह महीने का अतिरिक्त कारावास भी भोगना होगा।
घटना की रिपोर्ट आरोपी पोशाकी लाल निवासी दरियापुर की पत्नी मीना देवी ने कोतवाली हाथरस जंक्शन में दर्ज कराई थी। तहरीर में मीना देवी ने कहा था कि उसकी 19 वर्षीय पुत्री भूरी के पड़ोसी युवक से प्रेम संबंध हो गए थे। इसकी जानकारी पति पोशाकी लाल को हेो गई। पोशाकी लाल इटावा में ईंट-भट्ठे पर काम करता था। उसके द्वारा समझाने के बावजूद उसकी पुत्री ने बात नहीं मानी।
पोशाकीलाल पांच मई 2016 को इटावा से घर आया। वह छह जून 2016 को भूरी को घर से यह कहकर लाया कि चल तुझे मौसी के घर हाथरस छोड़ आता हूं। इस दौरान उसने दुपट्टे से उसका गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव हाथरस जंक्शन से हाथरस किला आने वाले रेलवे ट्रैक के बराबर में जंगलों में फेंक दिया। युवती का शव 11 जून 2016 को कोतवाली हाथरस जंक्शन पुलिस ने लावारिस हालत में बरामद किया था।
न्यायालय ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सुनने के बाद पिता को झूठी की शान के लिए पुत्री की हत्या करने का जिम्मेदार ठहराया। न्यायालय ने धारा 302 में उम्रकैद और 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है, जबकि धारा 201 में तीन वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। पीड़ित की ओर से पैरवी एडीजीसी शैलेंद्रदत्त पालीवाल ने की।