अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम राजकुमार बंसल के न्यायालय ने नाबालिग किशोरी के अपहरण एवं दुष्कर्म के एक आरोपी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने आरोपी को 10 वर्ष के कारावास एवं 35 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
कोतवाली सासनी में 28 जून 2012 को दर्ज कराई गई रिपोर्ट में वादी ने आरोप लगाया कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री सुबह करीब छह बजे शौच के लिए गई थी, लेकिन काफी समय तक नहीं लौटी। बेटी के घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। जब उसकी तलाश की तो उसका कुछ पता नहीं चला। 29 जून को आरोपी जय सिंह उर्फ गुड्डू का फोन आया, जिसमें उसने कहा कि उसकी लड़की उसके पास है, 20 हजार रुपये दो।
इसके बाद उसने अपना फोन बंद कर लिया। पुलिस ने जब इस युवक को गिरफ्तार कर किशोरी को बरामद किया तो युवक द्वारा किशोरी के साथ दुष्कर्म किए जाने का मामला भी सामने आया। न्यायालय ने इस मामले में दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुनने के बाद धारा 363 में तीन वर्ष की कैद पांच हजार रुपये अर्थदंड, धारा 366 में पांच वर्ष एवं 10 हजार अर्थदंड, धारा 376 में दस वर्ष की कैद एवं 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी एडीजीसी साहब सिंह चौहान ने की।