हाथरस। मानवाधिकार कार्यकर्ता प्रवीन वार्ष्णेय ने जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया के सेना पर दिए गए विवादित बयान को लेकर सदर थाने में तहरीर दी है। उनका कहना है कि यह जन भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बयान है इसलिए उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। वार्ष्णेय ने कहा है कि वह कन्हैया के इस बायान से सहमत नहीं हैं।
प्रवीन वार्ष्णेय का कहना है कि आठ मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कन्हैया ने देश की सेना द्वारा कश्मीर में महिलाओं का उत्पीड़न करने की बात कही थी। यह निराधार आरोप है। इससे देश की सीमाओं पर कुर्बानी देने वाली सेना का मनोबल गिरेगा। ऐसे बयानों से अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में देश की छवि खराब होगी। उन्हाेंने ऐसे बयान को सेना को बदनाम करने का षड्यंत्र भी बताया। वार्ष्णेय ने कहा कि वह देश के जिम्मेदार नागरिक हैं। कन्हैया के इस बयान से उनकी भावना आहत हुई है। इस बारे में इंस्पेक्टर मनोज शर्मा का कहना है कि वह तहरीर पर कानूनी राय ले रहे हैं। चूंकि घटनास्थल उनके थाना क्षेत्र का नहीं है। ऐसे मामलों में केवल कोर्ट को ही संज्ञान लेने का अधिकार है। वह कानूनी मशविरे के बाद ही इस संबंध में कुछ कह सकते हैं।