हाथरस। जुडीशियल मजिस्ट्रेट हाथरस ओमपाल सिंह के न्यायालय ने मारपीट कर हड्डी तोडे़ जाने के एक मामले में पिता-पुत्र को दोष सिद्ध माना है। न्यायालय ने दोनों को धारा 323, 325 आईपीसी के तहत एक-एक साल के कारावास एवं 100-100 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने व्यवस्था दी कि आरोपियों की दोनों ही सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
कोतवाली हाथरस जंक्शन के गांव नगला खुशाली निवासी वादी योगेश पुत्र राधेश्याम का आरोप था कि वह अपने खेत में 18 फरवरी, 2005 को पानी लगा रहा था। इसी दौरान नाली टूट जाने के कारण उसी के गांव निवासी महेंद्र पुत्र रामेश्वर के खेत में पानी चला गया। इसी को लेकर महेंद्र व उसके पिता रामेश्वर ने उसके साथ लाठी डंडों से मारपीट की। जिससे उसकी हाथ की हड्डी टूट गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय ने दोनों पक्ष के विद्वान अधिवक्ताओं को सुनने के बाद आरोपी पिता पुत्र को दोषी माना है। वादी की ओर से पैरवी अधिवक्ता संदीप कुमार ने की।