हाथरस। चोरी के शक में एक दलित युवक की बेरहमी से पिटाई करने वाले तीन पुलिसकर्मियों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाने के निर्देश दिए हैं। आरोपियों से इस रकम की वसूली दस दिन के अंदर करनी होगी। इस रकम का भुगतान पीड़ित युवक को किया जाएगा। पुलिस प्रशासन को वसूली और धनराशि के भुगतान के साक्ष्य शासन व राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को देने होंगे।
नवंबर 2014 में मेंडू गेट चौकी पर तैनात सिपाही राहुल उपाध्याय, मनीष कुमार और दिनेश कुमार पर दीपक उर्फ दीपू पुत्र ओमप्रकाश निवासी चमन गली, घोषी वाला नोहरा को बेरहमी से पीटने का आरोप है। आरोपी सिपाही युवक को कोतवाली ले गए थे जहां उस की जमकर पिटाई की गई थी। इसके बाद पुलिसकर्मी युवक को घर छोड़ गए थे।
पिटाई के बाद युवक के शरीर पर जख्मों के गहरे निशान पड़ने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था। तत्कालीन एसपी ने आरोपी सिपाहियों को निलंबित कर दिया था। पीड़ित दीपक की मां विमला की शिकायत पर तीनों के विरुद्ध मामला भी दर्ज किया गया था।
प्रदेश के अनु सचिव शैलेंद्र कुमार ने अपर पुलिस महानिदेशक, गृह को इस संबंध में आयोग के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। इस मामले की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से 21 नवंबर 2015 को की गई थी। आयोग ने पीड़ित दीपक को 25 हजार रुपये की सहायता देने को अपनी स्वीकृति दे दी है। इस संबंध में एसपी अजय पाल शर्मा का कहना है कि शासन के निर्देशों का पालन किया जाएगा और पीड़ित को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।