कोतवाली क्षेत्र के एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश की उसके ही साथियों ने सोमवार की देर रात घर से बुलाकर रेलवे क्रासिंग पर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। हमलावरों ने इससे पूर्व उसे शराब भी पिलाई।
बदमाशों के सिर पर इस कदर खून सवार था कि पांच गोलियां मारने के बाद जब तक उन्हें उसके मरने का यकीन नहीं हो गया, तब तक वह वहां से नहीं हटे। रेलवे क्रासिंग पर तैनात गेट कीपर ने परिजनों को घटना की सूचना दी। परिजन उसे गंभीर हालत में आगरा ले गए, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव खेरिया निवासी धर्मेंद्र जाट (28 वर्ष) पुत्र ओमवीर सिंह छोटी उम्र में ही हिस्ट्रीशीटर बदमाश बन गया था। उस पर जिले के कई थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। सोमवार की रात लगभग साढ़े आठ बजे उसे किसी ने फोन करके बुलाया। उसके बड़े भाई की पत्नी ने उसे खाना खाकर जाने को कहा, लेकिन उसने जल्द ही लौटकर आने की बात कही।
इसके बाद वह गांव के पास ही रेलवे क्रासिंग के गेट संख्या 87 सी पर पहुंच गया। वहां पहले से ही मौजूद उसके साथियों ने उसे जमकर शराब पिलाई। जब उसे खूब नशा हो गया तो उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। उसके शरीर में पांच गोली लगीं, जिससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। उसे मरा समझकर उसके साथी उसे छोड़कर चले गए।
रेलवे के गेट पर तैनात दो चौकीदारों में से एक ने घटना की सूचना पास ही उसके परिजनों एवं पुलिस को दी। परिजन एवं पुलिस मौके पर पहुंच गए। घायल को पहले सीएचसी सहपऊ ले जाया गया। वहां से उसे हाथरस के बागला जिला अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे आगरा रेफर कर दिया। उपचार के दौरान गोली निकालते समय उसकी मौत हो गई।
मृतक के पिता ने दो नामजद क्रमश: जग्गी पुत्र रामजी लाल तथा प्रदीप पंडित पुत्र हरिओम गौतम निवासी जरीपुरा एवं एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ कोतवाली सहपऊ में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। एसओ सहपऊ अवधेश कुमार का कहना है कि पहले इस मामले में धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसे अब धारा 302 हत्या के आरोप में तरमीम किया जाएगा।