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हिंदू युवा वाहिनी ने थाने का घेराव कर किया हंगामा

Fri, 25 May 2018 11:44 PM IST
क्राइम न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
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हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारी के साथ पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने से हाथरस गेट कोतवाली पर हंगामा करते लोग। - फोटो : Amar Ujala
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एसओजी प्रभारी महेशचंद्र यादव पर आरोप है कि उन्होंने शुक्रवार दोपहर को उनके थाना हाथरस गेट स्थित दफ्तर पहुंचे हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारी अनूप वार्ष्णेय के साथ मारपीट की।
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अनूप के साथ मारपीट की खबर से भाजपा और दूसरे हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भड़क गए और नारेबाजी करते हुए पैदल थाना हाथरस गेट पहुंच गए। भाजपा जिलाध्यक्ष रामवीर सिंह परमार, चेयरमैन आशीष शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष भूरा पहलवान समेत भाजपा और आरएसएस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी थाने पहुंचे और एसओजी प्रभारी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग पर अड़ गए। कार्यकर्ताओं ने आगरा-अलीगढ़ मार्ग जाम कर दिया।

एहतियातन कई थानों का पुलिस बल और पीएसी को मौके पर बुलाया गया। एएसपी अरविंद कुमार ने कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की और दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराकर मामले का निस्तारण कराने का सुझाव दिया। हालांकि इसके लिए कार्यकर्ता तैयार नहीं हुए। देर शाम तक हंगामा, जाम और नारेबाजी के बाद एसपी ने मामले की जांच सीओ सिटी सुमन कनौजिया को सौंप दी, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने जाम खोल दिया।  
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अनूप वार्ष्णेय ने थाने पहुंचे भाजपा नेताओं को बताया कि जिस आरोपी को एसओजी उठाकर लाई, वह एबीवीपी के कार्यकर्ता का भाई है। एसओजी के लोग सादा कपड़ों में होते हैं। कार्यकर्ता ने उन्हें सूचना दी। वह मामले की जानकारी लेने एसओजी कार्यालय पहुंचे थे। यहां एसओजी प्रभारी ने दफ्तर बंद कर उनका मोबाइल फोन छीनकर बंद कर दिया और एक सिपाही के साथ मिलकर उनसे साथ जमकर मारपीट की। इससे उनकी नाक और मुंह से खून बहने लगा। इसके बाद पुलिस ने उनका डॉक्टरी परीक्षण भी नहीं कराया। थाने पर प्रदर्शन, नारेबाजी और हंगामे के दौरान इकट्ठे हुए भाजपा नेताओं, आरएसएस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की एएसपी अरविंद कुमार से तीखी बहस हुई। कार्यकर्ता घायल अनूप वार्ष्णेय के मेडिकल के लिए थाने से चिट्ठी नहीं दिए जाने से नाराज थे। वह मौके पर एसओजी प्रभारी को बुलाने, मुकदमा दर्ज करने और उन्हें तत्काल निलंबित करने की मांग कर रहे थे। इस दौरान कार्यकर्ताओं और एएसपी के बीच नोकझोंक भी हुई। एएसपी ने साफ किया कि अनूप वार्ष्णेय को लूट के आरोपी के पक्ष में एसओजी कार्यालय नहीं जाना चाहिए था। अगर उन्हें कोई शिकायत थी तो वह एसपी या एएसपी से मिलकर शिकायत कर सकते थे। एएसपी ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को भरोसा दिलाया कि अगर अनूप वार्ष्णेय के साथ कोई मारपीट हुई है तो इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। एएसपी ने कार्यकर्ताओं से जाम खोलने को कहा। पुलिस और पीएसी ने भी जाम खुलवाने की कोशिश की, लेकिन अनूप वार्ष्णेय सड़क पर लेट गए और उन्होंने जाम नहीं खुलने दिया। हालांकि एएसपी से वार्ता के बाद भाजपा नेताओं ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर जाम खोलने के लिए कार्यकर्ताओं को कह दिया। करीब डेढ़ घंटे के हंगामे, नारेबाजी और प्रदर्शन के बाद जाम खुल गया और कार्यकर्ता जय श्री राम के नारे लगाते हुए लौट गए।  
 

लूट के एक मामले में वह एक आरोपी को पूछताछ के लिए अपने दफ्तर में लेकर आए थे। यहां आरोपी की मां की मौजूदगी में उससे पूछताछ की जा रही थी। इसी दौरान अनूप वार्ष्णेय आए औरलूट के आरोपी को छोड़ने के लिए दबाव बनाने लगे। इसे लेकर दोनों के बीच बहस होने लगी। एसओजी प्रभारी ने अनूप को दफ्तर से बाहर निकाल दिया। इससे बौखलाकर अनूप ने यह आरोप लगाया। 
महेश चंद्र यादव, एसओजी प्रभारी 

अनूप वार्ष्णेय को किसी आरोपी के लिए एसओजी के दफ्तर नहीं जाना चाहिए था। अगर उन्हें कोई शिकायत थी तो वह अधिकारियों से कर सकते थे। मारपीट के मामले की जांच सीओ सिटी को दी गई है। जांच के बाद आरोपी सही पाए जाने पर एसओजी प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।  

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- डॉ.अरविंद कुमार, एएसपी हाथरस

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