कोतवाली के गांव मानिकपुर में एक शराबी को फांसी लगाने का ड्रामा उस समय महंगा पड़ गया, जब नशे की हालत में उसे वास्तव में फांसी लग गई और उसकी मौत हो गई। परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया।
गांव निवासी प्रेम सिंह धानुक शराब के सेवन का आदी था। आए-दिन नशे की हालत में पत्नी-बच्चों के साथ मारपीट करता था। घर वाले विरोध करते तो फांसी लगाने का ड्रामा करता था। रविवार की शाम को वह शराब पीकर घर आया। पत्नी-बच्चों के साथ मारपीट की। विरोध करने पर छप्पर में लगी कड़ी में अंगोछा डालकर फांसी लगाने लगा। घर वालों ने सोचा कि इसका रोज का ड्रामा है। कुछ नहीं होगा। वह चुपचाप अपने काम करते रहे।
जब उसे फंदे पर लटके काफी देर हो गई तो घर वालों का माथा ठनका। पास जाकर उसे उतारा तो पाया कि वास्तव में फांसी लगने से उसकी मौत हो गई। घर वालों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। कोतवाल मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि मौत के विषय में पुलिस को कोई सूचना नहीं दी गई है।