गुमराह करने पर कोर्ट ने किया तलब
सहारनपुर। हाईकोर्ट ने पहली पत्नी को तलाक दिए बिना जाली दस्तावेज पेश करने और पुलिस को गुमराह कर पहली पत्नी को प्रताड़ित करने के मामले में पति और दूसरी पत्नी को 10 जुलाई को कोर्ट में तलब किया है। एसएसपी को उन दोनों की पेशी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है।
सुप्रीम कोर्ट की वकील फराह फैज ने बताया कि उसकी मुवक्किल मोनिशा अनवर निवासी चिलकाना का निकाह साजिद अहमद से हुआ था। एक बेटा होने के बाद मोनिशा ने अपने देवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके बाद उनमें मनमुटाव हो गया और मामला कोर्ट तक पहुंच गया। इसके बाद साजिद अहमद ने राजिया प्रवीन से दूसरी शादी कर ली। अधिवक्ता फराह फैज के मुुताबिक इसी बीच साजिद अहमद ने हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि रजिया प्रवीन ने उसके साथ भागकर शादी की है, जिसका रजिया के पिता उन्हें प्रताड़ित करने के साथ उनकी जान के दुश्मन बने हुए है। हाईकोर्ट ने पुलिस को साजिद और उसकी पत्नी को सुरक्षा उपलब्ध कराने के साथ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को कहा। अधिवक्ता फराह फैज ने बताया कि साजिद ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में रजिया परवीन के पिता के बजाए पहली पत्नी मोनिशा के पिता का आरोपी बना दिया। इसी आधार पर पुलिस ने मोनिशा के परिवार पर दबाव बना दिया। मोनिशा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो पता चला कि पार्टी तो रजिया के पिता शमशाद को बनाया गया था। इस मामले में वह प्रतिवादी नहीं है। मोनिशा के रिकॉल प्रार्थना पत्र को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया। आरोप लगाया कि हाईकोर्ट के आदेश को पुलिस के सामने दूसरे तरह से पेश कर उन्हें प्रताड़ित किया। तलाक के जो दस्तावेज जमा कराए है, वो पूरी तरह फर्जी है। हाईकोर्ट ने एसएसपी को आदेश दिए हैं कि 10 जुलाई तक साजिद अहमद और उसकी पत्नी रजिया प्रवीन को न्यायालय में पेश किया जाए।