अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने अपहरण के एक मामले में एक अभियुक्त को सात वर्ष 10 माह के सश्रम कारावास एवं सात हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर अभियुक्त को एक माह का अतिरिक्त कारावास भी भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक किशनलाल निवासी अवागढ़ ने कोतवाली सिकंदराराऊ में 31 मार्च 1999 को तहरीर देकर कहा कि अज्ञात लोगों द्वारा वादी के भाई सोवरन सिंह का अपहरण कर लिया गया। परिवार वालों द्वारा काफी खोजबीन करने पर भी उसका कुछ पता नहीं चला।
शक है कि वादी के भाई का कत्ल कर दिया हो। सोवरन सिंह काफी समय से गांव भटीकरा में डॉक्टरी करता था। रोज गांव आता जाता था, लेकिन जब वह गांव नहीं पहुंचा तो भटीकरा जाकर देखा। वहां उसकी साइकिल नगला वासी की सीध में माचुआ रजवाहा पर पड़ी मिली।
16 अप्रैल 1999 को सुबह 7.30 बजे पुलिस को गांव खकरई के जंगल में एक कुएं में पकड़कर एक आदमी को बांधकर डालने की सूचना मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर देखा तो वहां से एक आदमी बैठा था, जोकि पुलिस को देखकर भाग गया, जबकि कुएं में पडे़ एक व्यक्ति को निकाला गया तो उसने अपना नाम सोवरन सिंह निवासी अवागढ़ बताया।
उसने खुद को बदमाशों द्वारा अगवा कर एक नीली कार में ले जाने की जानकारी दी और बताया कि उसके बाद इन लोगों ने उसे यहां यहां बांधकर डाल रखा था। पुलिस ने इस मामले में धर्मवीर निवासी निहालपुर थाना मारहरा एटा के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।