दिल्ली में अपनी बुआ के घर रहने वाली 18 वर्षीय एक युवती के साथ पांच लोगों ने अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। युवकों के चंगुल से किसी तरह छूटकर आई युवती जब थाने गई तो उसको सिकंदराराऊ पुलिस ने दिल्ली का मामला कहकर भगा दिया। किसी ने नहीं सुनी तो युवती अपने घर मैनपुरी के करहल लौट गई। जानकारी के अनुसार युवती दिल्ली के साकेत विहार इलाके में अपनी रिश्तेदार बुआ के घर पर कई साल से रह रही थी। 14 अप्रैल को एक बच्चे के साथ बाजार से कुछ खरीद रही थी, तभी पांच युवकों ने उसका अपहरण कर लिया और उसे गाड़ी से मथुरा के एक होटल में ले आए। युवती को बंधक बनाकर उसके साथ कई दिनों तक सामूहिक दुष्कर्म किया गया। युवती ने होटल के वेटर की मदद लेनी चाही तो वेटर ने अपहरण करने वाले युवकों को बता दिया।
बात आगे न फैले इस लिए पांचों युवक गाड़ी में लड़की को सिकंदराराऊ ले आए तथा नगर के मध्य एक मोहल्ले के कमरे में बंद कर रखा और उसके साथ दुष्कर्म करते रहे। शुक्रवार को किसी तरह युवती ने मोहल्ले के एक नाबालिग लड़के से मोबाइल लेकर अपने मौसी के बेटे को फोन कर पूरा मामला बताया। उसका मौसेरा भाई शुक्रवार की रात्रि में कोतवाली आया तथा पुलिस की मदद से मोहल्ले में छापा मारकर युवती को मुक्त कराया। युवती अपने मौसेरे भाई के साथ कोतवाली गई और सारा हाल पुलिस को बताया, लेकिन पुलिस ने उसकी एक न सुनी और उसको दिल्ली का मामला कहकर टरका दिया। मायूस होकर भाई-बहन अपने घर करहल लौट गए। इस संबंध में एसओ जगदीश चंद्र का कहना है कि मामला दिल्ली का है, जब वहां रिपोर्ट दर्ज होगी, उसके बाद गिरफ्तारी में कोतवाली पुलिस दिल्ली पुलिस की मदद करेगी।