एसडीएम के आदेश पर शनिवार को गांव चिटौआ पहुंची पशु चिकित्सा विभाग की टीम को ग्रामीणों ने बंधक बनाकर पिटाई कर दी। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व में कुत्ता के काटने से पांच दुधारू पशु मर चुके हैं। विभाग को सूचना दी गई, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। एसडीएम के आदेश के बाद भी एक डॉक्टर पत्रवाहक के साथ गांव पहुंचा। तीन घंटे बंधक बनाए रखने के बाद अधिकारियों के आश्वासन पर दोनों को मुक्त किया।
विकास खंड सुल्तानगंज क्षेत्र के गांव चिटौआ में बीते एक सप्ताह में कुत्ता के काटने से चार भैंस और एक गाय मर चुकी है। एक ग्रामीण कई बार अस्पताल गया और डॉक्टर से गांव में चलकर इलाज करने की फरियाद की, लेकिन कोई गांव नहीं पहुंचा। एक ग्रामीण की भैंस मरने के बाद उसने एसडीएम भोगांव से लिखित शिकायत की। एसडीएम के आदेश पर चिकित्सक सुनील राजपूत पत्रवाहक अमर सिंह टीम के साथ गांव पहुंच गए।
एक चिकित्सक के आने से गुस्साए ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और जमकर धुनाई कर दी। कर्मचारियों को प्राथमिक विद्यालय में बंधक बनाने की सूचना पर पुलिस गांव पहुंच गई, ग्रामीणों को समझाया लेकिन वे नहीं मानें। सूचना पर सीबीओ योगेश कुमार सारस्वत और करन सिंह गांव पहुंच गए। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि एक सप्ताह के अंदर योगेश की गाय, जौहरी की भैंस, रामसिंह की भैंस, प्रमोद की गाय मर चुकी है। कुछ दिन पूर्व तुलाराम की भैंस को भी कुत्ते ने काट लिया। वह सुल्तानगंज स्थित पशु चिकित्सालय गया तो उससे 2000 रुपये मांगे गए। वह रुपये देने के लिए तैयार भी हो गया, लेकिन कोई भी गांव नहीं आया। सही उपचार न मिलने से उसकी भैंस मर गई।
ग्रामीणों ने बताया कि चिटौआ में पशुओं में अभी तक कोई टीकाकरण नहीं हुआ, जबकि अस्पताल के कागजों में टीकाकरण होना दर्शा दिया है। गांव के मंगूलाल ,टिक्कू, सुरजीत, जौहरीलाल, संतोष, सियाराम आदि ने आरोप लगाया कि अस्पताल में अवैध वसूली की जाती है। गांव आने पर पांच सौ रुपये की मांग की जाती है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी योगेश कुमार ने कहा कि गांव में पशुओं का टीकाकरण और बीमा कराया जाएगा।