भले ही प्रशासन ने होली को लेकर जबरन चंदा उगाही पर रोक लगा दी हो, लेकिन अब भी चंदा न देने वाले लोगों को धमकाया जा रहा है, मारपीट की जा रही है। शनिवार को शहर कोतवाली क्षेत्र में एक लकड़ी व्यापारियों के साथ आरोपियों ने होली का चंदा न देने पर मारपीट शुरू कर दी। बाजार के व्यापारियों ने एकजुट होकर लकड़ी व्यापारियों को बचाया।
बांस मंडी के प्रमुख लकड़ी व्यापारी से शनिवार को दो युवक चंदा मांगने पहुंच गए। व्यापारी ने जब यह पूछा कि कहां की होली के लिए वह चंदा मांग रहे हैं, इस पर युवकों ने साफ-
साफ कहा कि उन्हें होली पर शराब पीने के लिए रुपये चाहिए। वह हर बार बाजार से होली पर रुपये लेते आए हैं। व्यापारी के मना करने पर आरोपियों की उनसे तीखीं नोक-झोंक हुई और बाद में गाली-गलौज भी हुई।
आरोपी युवक कुछ देर बाद अपने साथ पांच-छह युवकों को लेकर व्यापारी के प्रतिष्ठान पर पहुंचे। युवकों के हाथ में डंडे थे। यह देख व्यापारी घबरा गया। युवकों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। व्यापारी को दुकान से बाहर खींचकर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। दूसरे व्यापारी यह नजारा देख रहे थे।
सभी ने एकजुट होने का निर्णय लिया और शोर मचाना शुरू कर दिया। दूसरे व्यापारियों के पीड़ित के साथ आने पर आरोपियों के पैर उखड़ने लगे। एक-दो खिसक लिए, बाकी फिर भी जमे रहे। व्यापारियों ने उनके डंडे छीन लिए और सभी को दुकान पर ही बैठा लिया। इसके बाद आरोपी गिड़गिड़ाने लगे। कुछ देर बाद उनका एक नेता वहां आया और माफी मांगकर युवकों के किए पर खेद जताया। माफी मांगने के बाद व्यापारियों ने आरोपियों को छोड़ दिया। घटनाक्रम के दौरान व्यापारियों ने कई बार पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया, लेकिन फोन नहीं मिला। इंस्पेक्टर सूर्यकांत द्विवेदी ने मामले की जानकारी होने से इंकार किया है।