सिकंदराराऊ में तमंचा फैक्ट्री पकड़े जाने के अगले ही दिन हसायन पुलिस ने भी एक तमंचा फैक्ट्री पकड़ी है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है, जबकि उसका भाई फरार हो गया है। पुलिस के मुताबिक पकड़ा गया आरोपी शातिर है और अवैध असलहा बनाने के आरोप में पहले भी जेल जा चुका है।
एसपी घुले सुशील ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि निकाय चुनाव से पहले अवैध असलहा पकड़ने पर खासा जोर दिया जा रहा है। हसायन पुलिस को सीतापुर नहर के पास तमंचा फैक्ट्री होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने शुक्रवार शाम साढ़े तीन बजे नहर की पटरी से एक शख्स को अवैध हथियार बनाते हुए पकड़ लिया।
आरोपी राजेंद्र पुत्र धनीराम निवासी जनसोई, सिकंदराराऊ के कब्जे से एक देसी सिंगल बैरल बंदूक, तीन तमंचे, तीन तमंचे अधबने, एक कारतूस, तीन खोखे, हैमर, ट्रैगर, ट्रैगर गार्ड, वोल्ट स्प्रिंग, लोहे में छेद करने वाली ड्रिल मशीन, भट्ठी चलाने का पंखा, कोयला, सडासी, छैनी हथौड़ा, बांक आदि सामान बरामद हुआ है।
आरोपी पर इससे पहले आर्म्स एक्ट के अलावा लूट और डकैती के आरोप में मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। मौके से रामपाल उर्फ प्रेमपाल उर्फ भूरे पुत्र धनीराम निवासी जनसोई, सिकंदराराऊ फरार हो गया। रामपाल की भी क्राइम हिस्ट्री है और उस पर भी कई मुकदमे दर्ज हैं। रामपाल, राजेंद्र का भाई है। आरोपी की तलाश की जा रही है। एसपी ने बताया कि आरोपी तमंचा बनाने में माहिर हैं। बरामद बंदूक और तमंचे बेहतर क्वालिटी के हैं। निकाय चुनाव से पहले राजेंद्र और रामपाल बड़े पैमाने पर अवैध हथियार बनाकर बेचने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही फैक्ट्री पकड़ी गई।
प्रेसवार्ता में एएसपी अरविंद कुमार और सीओ सिकंदराराऊ आशीष प्रताप सिंह भी मौजूद थे। टीम में हसायन एसओ प्रवीन कुमार, एसआई जितेंद्र प्रताप, एचसीपी तेजेंद्र प्रताप, कांस्टेबल शीलेश, मुनीर, रविंद्र, चंद्रशेखर आदि शामिल रहे।