दहेज उत्पीडन और जानलेवा हमले के आरोपियों को बुधवार को गिरफ्तार करने के बाद गुरुवार को पुलिस जब कोर्ट में पेश करने ले जा रही थी। तभी कोर्ट परिसर में विवाहिता के मायके वालों ने आरोपियों के साथ जमकर मारपीट कर दी।
इससे पहले भी सदर कोतवाली की हवालात में बंद आरोपियों को विवाहिता के मायके वालों ने जान से मारने की धमकी दी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में भी लिया, लेकिन कुछ देर बाद छोड़ दिया। इसके बाद मायके वालों ने कोर्ट पहुंचकर आरोपियों को पुलिस की मौजूदगी में ही धुन डाला।
सादाबाद निवासी जितेंद्र गौतम पुलिस में दरेगा हैं। इनकी बेटी दीप्ति की शादी टूंडला निवासी दिनेश से हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद अक्तूबर 2017 में दीप्ति के भाई नवनीत कुमार ने सादाबाद थाने में दिनेश, दिनेश की मां ओमवती, भाई अजय, राकेश व बहन ऊषा पर दहेज उत्पीडन और जानलेवा हमले का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस तभी से आरोपियों की तलाश कर रही थी। बुधवार को पुलिस ने अजय, राकेश और ऊषा को गिरफ्तार कर लिया और महिला थाने ले आई।
अजय और राकेश को एहतियातन सदर कोतवाली में हवालात में रखा गया। आरोप है कि इसी दौरान पीड़िता के पक्ष के लड़कों ने हवालात में बंद अजय, दिनेश को जान से मारने की धमकी दी। इस पर अजय और राकेश ने शोर मचाया तो पुलिस ने दौड़कर आरोपियों को पकड़ लिया लेकिन हिदायत देने के बाद छोड़ दिया गया। इसके बाद आरोप है कि इन युवकों ने कोर्ट पहुंचकर पेशी को ले जाए जा रहे अजय, राकेश और ऊषा के साथ जमकर मारपीट की। यह सब पुलिस की मौजूदगी में हुआ। कोतवाल जसपाल सिंह पंवार से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि धमकाने वाले आरोपी नाबालिग थे, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया था।