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फर्जी चेक से 22 लाख के भुगतान की कोशिश

Sun, 14 Aug 2016 11:51 PM IST
अमर उजाला, हाथ्ारस
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 बैंक ऑफ इंडिया के फर्जी चेक के जरिए 22.5 लाख रुपये के भुगतान की कोशिश की गई, जो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य प्रबंधक की सतर्कता से कामयाब नहीं हो सकी। बड़ी रकम के चेक के क्लीयरेंस से पहले एसबीआई ने इस मामले में पड़ताल करना जरूरी समझा।
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जांच में पता चला कि चेक फर्जी है और इस नंबर का चेक कई महीने पहले कौशांबी में दैवी आपदा के शिकार किसान को दिया जा चुका है। मुख्य प्रबंधक की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने बड़ोदरा की उस कंपनी के प्रोपराइटर के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया, जिस कंपनी के नाम चेक जारी किया गया था।

दरअसल, फर्जी तौर पर तैयार चेक से भुगतान की कोशिश पहले भी हुई हैं। पुलिस के मुताबिक कौशांबी जिले की सिराथु तहसील के तहसीलदार ने बैंक ऑफ इंडिया के 2,835 रुपये के चेक (संख्या 617299) को दैवी आपदा के शिकार किसान रघुराज पुत्र बोधन निवासी कोंडर के लिए जारी किया था। शातिर ठगों ने फर्जी तौर पर इस चेक को स्केन कर ऐसा ही दूसरा चेक तैयार कर लिया, जिस पर तहसीलदार के हस्ताक्षर भी प्रिंट हो गए।
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किसी तरह से इस चेक को पकड़ पाना बैंक कर्मियों के लिए आसान नहीं था। शातिर बदमाशों ने फर्जी चेक पर 22.48 लाख रुपये की रकम भरी और इसे बड़ोदरा की महालक्ष्मी इंटरप्राइजेज के नाम जारी कर दिया। ठगों ने इस चेक को हाथरस की बैंक ऑफ इंडिया की अलीगढ़ रोड शाखा में भुगतान के लिए लगाया।

जब यह चेक क्लीयरेंस के लिए एसबीआई की मुख्य शाखा में पहुंचा तो ज्यादा रकम होने के कारण चेक की पड़ताल जरूरी समझी गई। शुरुआती जांच में ही चेक के फर्जी होने का संदेह बैंक कर्मियाें को हो गया। ऐसे मामले पहले भी बैंक प्रबंधन के सामने आ चुके हैं। लिहाजा, गहराई से जांच-पड़ताल की गई।

इस चेक संख्या वाले चेक के पहले ही एक किसान को जारी होने की बात सामने आने पर चेक के फर्जी होने का प्रमाण बैक के मुख्य प्रबंधक के हाथ आ गया। इसके बाद महालक्ष्मी इंटरप्राइजेज और उसके प्रोपराइटर सुरेंद्र त्यागी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोतवाली में तहरीर दी गई। सदर कोतवाल मनोज शर्मा का कहना है कि फर्जी चेक से धोखाधड़ी की शिकायत उन्हें मिली है। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
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