सिकंदराराऊ। तहसील स्थित सब रजिस्ट्रार कार्यालय पर मंगलवार की प्रात: उस समय हंगामा हो गया जब डीआईजी स्टाम्प ने सब रजिस्ट्रार से 85 हजार रुपया रिश्वत की मांग की गई। हंगामे के दौरान पहुचे वकीलों ने डीआईजी को जमकर खरी खोटी सुनाई। इस मामले में सब रजिस्ट्रार ने डीआईजी के खिलाफ रिश्वत मांगने की तहरीर कोतवाली में दी है। प्रकरण को लेकर कई घंटे तक कोतवाली में गर्मा गरमी होती रही, मामले से तंग होकर सब रजिस्ट्रार ने आत्म हत्या की धमकी भी दे दी।
बता दें कि डीआईजी मंगलवार सुबह साढ़े नौ बजे कार्यालय में निरीक्षण के लिए आए। इस दौरान उन्होंने पांच माह के 85 हजार रुपये रिश्वत की मांग सब-रजिस्ट्रार से की। सब रजिस्ट्रार ने रिश्वत देने से इंकार करते हुए कहा कि यहां पर सब काम ईमानदारी से होता है। इस पर डीआईजी परिणाम भुगतने की धमकी देने लगे। शोर शराबा होने पर वहां वकील भी आ गये।
रिश्वत मांगने को लेकर वकील भी भड़क गए। वकीलों का कहना था कि सुविधा के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है। वकीलों का कहना था कि सीमावर्ती इलाके पर दो फीसदी ज्यादा कर वसूला जा रहा है इसे रोका जाए। काफी देर तक हंगामे के बाद डीआईजी के खिलाफ रिश्वत मांगने की तहरीर लेकर सब-रजिस्ट्रार अधिवक्ताओं के साथ सब रजिस्ट्रार कोतवाली पहुंचे।
जहां वकीलों ने रिपोर्ट दर्ज न करने पर हड़ताल की चेतावनी दी। सीओ दुष्यंत वाल्यान एवं कोतवाल विनोद कुमार यादव ने एडीएम से बात की तथा कहा कि जांच के लिए तहरीर ऊपर भेजी जाएगी। सब रजिस्ट्रार तथा वकील रिपोर्ट दर्ज कराने पर अड़ गये।
इसे लेकर काफी देर तक गर्मा गर्मी हुई। इसके बाद तहरीर की प्रति रिसीव कर ली गई। सब रजिस्ट्रार कर्वेन्द्र सिंह ने कहा कि वह कहां से रिश्वत दें। अगर रिश्वत के लिए लगातार दबाव बनाया गया तो वह आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। उधर, डीआईजी गुलाब चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि उन्होंने रिश्वत नहीं मांगी लेकिन जब पूछा गया कि फिर बवाल कैसे हो गया तो वह चुप हो गए।
कुल मिला कर कई घंटे तक तहसील पर गहमा गहमी का माहौल रहा। बार के हुकम सिंह बघेल, नरेन्द्र शर्मा, रनवीर सिंह, देवकांत कौशिक, गौरी श्ंाकर शर्मा, वीरपाल सिंह यादव, महेश यादव, युवराज सिंह, अशोक शर्मा ने कहा कि तहरीर पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।