हाथरस। कोतवाली मुरसान पुलिस ने राजुद्दीन हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के दो आरोपियों को कंचना फाटक के निकट चेकिंग के दौरान बाइक सहित गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा और मृतक राजुद्दीन की बाइक भी बरामद की गई है।कोतवाली प्रभारी एसपी सिंह ने बताया कि कस्बा मुरसान में आर्य समाज रोड पर चचेरे भाई राजुद्दीन और गुलफाम भैंस का कारोबार करते थे। 23 जनवरी को राजुद्दीन और गुलफाम कोतवाली इगलास अलीगढ़ के गांव बलीपुर गए थे। इस दौरान उन्हें बलीपुर निवासी प्रेमपाल और अज्जू निवासी बलीपुर मिले। राजुद्दीन का प्रेमपाल पर 30 हजार रुपये का कर्जा था। जब राजुद्दीन ने प्रेमपाल से पैसे मांगे तो प्रेमपाल ने पैसा नहीं होने की बात कही। इस दौरान राजुद्दीन ने अज्जू निवासी बलीपुर को भेजकर शराब मंगाई, जो सभी ने एक साथ बैठकर बलीपुर की पोखर के निकट बैठकर पी। कोतवाल ने बताया कि इस दौरान इन दोनों में कहासुनी हो गई। राजुद्दीन वहां से चल दिया।राजुद्दीन को रोककर प्रेमपाल और अज्जू ने उसके साथ मारपीट कर दी। इस दौरान गुलफाम ने अपनी अंटी से तमंचा निकालकर राजुद्दीन को गोली मार दी। जब प्रेमपाल और अज्जू ने उससे गोली मारकर हत्या करने का कारण पूछा तो उसने बताया कि वह उसकी बहन से नाजायज संबंध रखता था। इसके बाद गुलफाम ने घर आकर अपने पिता गजना को इसकी जानकारी दी और फरार हो गया। गजना ने मृतक राजुद्दीन के परिजनों के साथ मिलकर पुलिस को गुमराह करने के लिए कोतवाली मुरसान में दोनों की गुमशुदगी दर्ज करा दी, लेकिन पुलिस को इनकी कहानी पर शक था। लिहाजा पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने पूरी सच्चाई बता दी। कोतवाल एसपी सिंह ने बताया कि राजुद्दीन की हत्या के मामले में गुलफाम के पिता गजना को भी आरोपियों की मदद करने के मामले में धारा 201 के तहत आरोपी बनाया गया है। घटना के अन्य अभियुक्तों की पुलिस द्वारा तलाश की जा रही है।------