हाथरस। कॉल सेंटर संचालकों के अवैध धंधे पर गुरुवार को फिर गाज गिर गई। पोस्टमास्टर जनरल के निर्देश पर आगरा से आई डाक अफसरों की चार सदस्यीय टीम ने शहर के मुख्य डाकघर पर कॉल सेंटर संचालकों द्वारा भेजे जाने वाले पार्सलों की जांच की। जांच में पार्सलों से नकली सामान के साथ रद्दी और थर्माकॉल मिला, जिससे एक बार फिर कॉल सेंटरों की धोखाधड़ी की पोल खुल गई। जांच कार्रवाई से कॉल सेंटर संचालकों में हड़कंप मचा रहा।
शहर में काफी संख्या में कॉल सेंटर्स चल रहे हैं। कॉल सेंटरों के संचालकों द्वारा फोन कॉल या मैसेज के माध्यम से आर्डर मंगाए जाते हैं और आर्डर के मुताबिक हूबहू असली की तरह लगने वाला नकली सामान ग्राहकों को उनके पते पर डाक के जरिए भेज दिया जाता है। डाक विभाग को कॉल सेंटर संचालकों द्वारा नकली सामान भेजे जाने की शिकायतें मिल रहीं थीं और बदनामी विभाग को झेलनी पड़ रही थी। लिहाजा डाक विभाग के अधिकारियों ने पिछले दिनों आगरा में हुई बैठक में कॉल सेंटर संचालकों द्वारा डिलीवर्ड कराए जाने वाले पार्सलों की जांच का निर्णय लिया। इसके तहत पोस्टमास्टर जनरल के आदेश पर आगरा से आए सहायक निदेशक व्यवसाय वाईपी सिंह, छंटाई निरीक्षक अभिषेक पांडे्य, जांच निरीक्षक एमएस सिद्दीकी और सिस्टम मैनेजर सतीश शर्मा ने एएसपी टीपी सिंह के साथ ओम शक्ति टेली शॉपिंग का पार्सल चेक किया। पार्सल में नकली धातु से बनी नवरत्न अंगूठी, देवी मां का लॉकेट और कछुआ और थर्माकॉल भरा हुआ था। पार्सल की कुल कीमत तीन हजार रुपये थी। यह पार्सल बदरपुर नई दिल्ली के जयनाथ मिश्रा को भेजा जा रहा था। इसी तरह डीएमएस संस्थान इगलास रोड हाथरस के पार्सल को चेक किया गया तो उसमें एक ब्रांड के नकली जूते, रद्दी और थर्माकॉल निकला। इस पार्सल की कुल कीमत 7,999 ग्राहक से वसूली जानी थी। यह पार्सल दिसपुर असम के विश्वजीत बसक को भेजा जा रहा था, जबकि जूतों की कीमत 200 रुपये के आसपास थी। जांच टीम को पार्सलों से न तो कोई बिल मिला और न ही कोई इनवॉयस। अचानक हुई जांच से कॉल सेंटर के अवैध धंधे से जुडे़ लोगों में दिनभर खलबली मची रही।
-उच्चाधिकारियों के निर्देश पर इस तरह की जांच आगे भी जारी रहेगी। गुरुवार को हुई जांच की पूरी रिपोर्ट एसएसपी को भेज दी है, आगे जो भी निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
-टीपी सिंह, एएसपी, डाक हाथरस।
गुरुजी ने कहा था, रत्न से पूरी होगी मनोकामना
नई दिल्ली में जिस ग्राहक को पार्सल भेजा जाना था, उससे जब डाक विभाग के अफसरों ने फोन पर बातचीत की तो उसने बताया कि यह सामान उनके गुरुजी ने उन्हें भिजवाया है और कहा था कि इस अंगूठी और रत्न को धारण करने के बाद उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी। असम के ग्राहक को फोन लगाकर पता किया तो उसने
छापों के बाद भी नहीं रुक रहा धंधा
कॉल सेंटर के इस अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए कुछ दिनों पूर्व पुलिस ने भी छापामार कार्रवाई की थी। कई कॉल सेंटर संचालकों को मौके से दबोचा भी गया था। इस मामले में चार कॉल संचालकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई थी, लेकिन यह कॉल सेंटर संचालकों का ठगी का यह धंधा रुकने की बजाय और अधिक बढ़ गया है।
बाहरी राज्यों तक फैला है कारोबार
कॉल सेंटर संचालकों का यह अवैध कारोबार सिर्फ आसपास के शहरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बाहरी राज्यों तक इस धंधे की जड़े जम चुकी हैं। बाहरी राज्यों के लोगों को भी फोन कॉल पर आर्डर प्राप्त कर उन्हें नकली सामान भेजा जा रहा है, जबकि कीमत असली सामान की वसूल की जा रही है। असम, बिहार, राजस्थान, झारखंड, मध्य प्रदेश आदि कई बाहरी राज्यों में भी हाथरस से माल की डिलीवरी की जा रही है।
वाणिज्य कर विभाग भी नहीं देता ध्यान
वाणिज्य कर विभाग द्वारा इन कॉल सेंटर संचालकों को परमीशन तो अन्य वस्तुओं के कारोबार की दी जाती है, लेकिन यह कॉल सेंटर संचालक इस परमीशन से अलग और नकली वस्तुआें का कारोबार करते हैं। अगर विभाग ध्यान दे तो इन पर काफी हद तक लगाम कसी जा सकती है।