हाथरस। एक दिन पहले दवा स्टोरों पर हुई छापेमारी की पोल गुरुवार को खुल गई। औषधि विभाग के पूरे अमले ने जिस दवा स्टोर की तलाशी लेने के बाद यह साफ कर दिया था कि उसके यहां नशे के इंजेक्शन नहीं हैं, उसी ड्रग स्टोर के संचालक पर आरोप है कि उसने सरे बाजार एक नशेड़ी को डंडों से केवल इसलिए बुरी तरह पीटा, क्योंकि उसने नशे का इंजेक्शन लेने के बाद पांच रुपये कम दिए थे। नशे के आदी युवक ने पिटाई के बाद पुलिस से इसकी शिकायत की। पुलिस ने आरोपी दवा कारोबारी को बुलाकर पूछताछ की है।
शहर में कई मेडिकल स्टोर नशे के लिए प्रतिबंधित इंजेक्शनों और गोलियों की बिक्री बड़े पैमाने पर करते हैं। नशे के आदी युवकों को यह 12 रुपये कीमत का इंजेक्शन 50 से 60 रुपये में बेचते हैं। एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा की पहल पर इस बार औषधि विभाग के आला अधिकारियों ने कई दवा स्टोरों की जांच पड़ताल की थी। जांच के बाद जिस दवा स्टोर को क्लीन चिट दी गई थी, उसी पर अगले दिन नशे के आदी युवक ने इंजेक्शन के लिए ज्यादा रकम वसूलने का आरोप लगा दिया।
सदर कोतवाली में रोते हुए इस युवक ने अपने हाथ पर डंडे की चोटों के गहरे जख्म पुलिस कर्मियों को दिखाए। युवक का कहना था कि कारोबारी इंजेक्शन को 60 रुपये में दे रहा था। कह रहा था कि छापेमारी के बाद इंजेक्शन की बिक्री पर रोक लग गई है। अब ज्यादा रुपये देने पर इंजेक्शन मिलेगा। इंजेक्शन लेने के बाद जब उसमें पांच रुपये कम निकले तो स्टोर संचालक बिगड़ गया और डंडा लेकर पिटाई करने लगा। सदर कोतवाल मनोज शर्मा का कहना है पीड़ित की शिकायत पर आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।