हाथरस। हाथरस के विद्युत वितरण खंड तृतीय में हुए फर्जी नलकूप कनेक्शन घोटाले में आगामी जांच के लिए जांच कमेटी गठित कर दी गई है। यह कमेटी घोटाले में शामिल अधिकारी और कर्मचारियों को दिए गए आरोपपत्रों के जवाब की जांच करेगी। जांच के बाद दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अलीगढ़ विद्युत वितरण मंडल नगरी के अधीक्षण अभियंता एसके सिंह को जांच अधिकारी बनाया गया है।
इन्हीं की देखरेख में जांच कमेटी आरोप पत्रों के जवाब की जांच करेगी। मुख्य अभियंता के स्तर से अभी तक फर्जी नलकूप कनेक्शन घोटाले में दोषी सात अधिकारी और कर्मचारियों को आरोप पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक किसी भी अधिकारी या कर्मचारी ने आरोप पत्र के सवालों के जवाब नहीं दिए हैं। जांच कमेटी जवाब आने के इंतजार में है।
इधर, मुख्य अभियंता बीएस गंगवार ने साफ कर दिया है कि जांच कमेटी गठित कर दी गई है। विद्युत वितरण खंड तृतीय में हुए नलकूप कनेक्शन घोटाले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बुधवार को आगरा में हुई मीटिंग में भी इस मामले में शीघ्रता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
एक्सीईएन समेत कई अधिकारी घेरे में
तीन एसडीओ और दो जेई के तबादले के बाद अब तृतीय खंड के एक्सईएन का भी तबादला हो सकता है। मुख्य अभियंता बीएस गंगवार ने बताया कि एक्सईएन के तबादले के लिए संस्तुति भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि एक्सईएन के बाद अभी कई और एसडीओ व जेई के तबादले हो सकते हैं।
पांच साल पूरे होने पर हुआ तबादला
विद्युत वितरण द्वितीय खंड के एसडीओ आदित्य पांडेय ने बताया कि उनका तबादला नलकूप कनेक्शन घोटाले में नहीं, बल्कि जिले में पांच साल पूरे होेने पर किया गया है, जो कि विभाग की एक सतत प्रक्रिया है। उनका इस नलकूप कनेक्शन घोटाले से कोई संबंध नहीं है।