पुलिस गिरफ्तार में आरोपी चतुरा।
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सट्टा किंग चतुर्भुज गुप्ता उर्फ चतुरा को पुलिस ने एक मीडियाकर्मी को जान से मारने की धमकी देने और उसके दो लाख रुपये की चौथ मांगने के आरोप में रविवार को गिरफ्तार किया है। उसके पास से पुलिस ने एक किलो 900 ग्राम चरस भी बरामद की। पुलिस की मानें तो चतुरा लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी और सट्टे की खाईबाड़ी के अवैध धंधे में लिप्त हैं।
एसपी ऑफिस में पत्रकारों से वार्ता करते हुए एसपी सुशील घुले ने बताया कि 31 जुलाई को पुलिस ने सटोरियों के खिलाफ छापेमार कार्रवाई की थी। एक मीडिया कर्मी ने यह खबर अपने पोर्टल पर प्रसारित की थी। तब से इस पोर्टल के पत्रकार गोविंद सिंह चौहान को सट्टा किंग चतुर्भुज गुप्ता उर्फ चतुरा ने चार अगस्त को उसे मोबाइल पर पांच बार जान से मारने की धमकी दी। यही नहीं, दो लाख रुपये की चौथ भी मांगी गई। इसका मुकदमा थाना हाथरस गेट कोतवाली में दर्ज कराया गया।
इस मुकदमे के साक्ष्य के रूप में मोबाइल फोन पर हुई बातों की रिकॉर्डिंग पेश की गई। तब से पुलिस चतुरा को सरगर्मी से तलाश कर रही थी। अब रविवार को चतुरा को कोतवाली निरीक्षक जसपाल सिंह पंवार ने अपनी टीम के साथ बिजली कॉटन मिल चौराहे से एक किलो 900 ग्राम चरस सहित गिरफ्तार कर लिया। उसके विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा कायम किया गया है। उन्होंने बताया कि चतुरा मादक पदार्थों की तस्करी, सट्टे की खाईबाड़ी के काम में काफी दिनों से लिप्त है।
35 मुकदमे हैं दर्ज, 35 करोड़ की संपत्ति हो चुकी है जब्त
एसपी ने बताया कि चतुरा पर 35 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें हत्या का मुकदमा भी शामिल है। वह कई बार एनडीपीएस एक्ट के तहत भी जेल जा चुका है। कई बार गिरोहबंद अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। वर्ष 2017 में अवैध साधनों से अर्जित की गई करीब 35 करोड़ की अचल संपत्ति जब्त कर ली थी।
कई घंटे तक रही एनकाउंटर की अफवाह
शनिवार की देर रात जब कई थानों की पुलिस ने दबिश देकर चतुरा को पकड़ा तो नगला अलगर्जी रोड उसके घर व आस-पास खलबली मच गई। कई घंटे तक तो यही पता नहीं चला कि आखिर चतुरा को पुलिस कहां ले गई है। उसके कुछ शुभचिंतकों व परिजनों ने उसको तलाश करने का प्रयास किया तो भी उसका पता नहीं चला। ऐसे में सुबह पूरे शहर में यह शोर मच गया कि चतुरा को पुलिस ने कहीं दूर ले जाकर एनकाउंटर कर दिया है। इसके बाद अधिकारियों के पास फोन पहुंचने लगे। बाद में जब कुछ लोगों ने चतुरा को कोतवाली में जीवित देखा तो इस अफवाह पर विराम लगा। बाद में एसपी ने इस मामले में पत्रकारों को जानकारी दी।