शहर की चमन गली निवासी शिप्रा वर्मा की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से आक्रोशित परिजनों ने गुरुवार शाम को चमन गली से सदर कोतवाली तक कैंडल मार्च निकाला। परिजनों ने शिप्रा की तस्वीरों वाले पोस्टर-बैनरों के जरिए हत्यारोपियों को फांसी दिए जाने की मांग की। इससे पहले 21 जनवरी को भी परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर सदर कोतवाली में हंगामा किया था और थाने के बाहर नारेबाजी कर प्रदर्शन भी किया था।
शिप्रा की मौत के अगले दिन शिप्रा की मां भगवती वर्मा निवासी तबेला गली ने पुलिस से शिकायत कर ससुरालियों पर हत्या का आरोप लगाया था। भगवती वर्मा ने कहा था कि बेटी की शादी जुलाई 2015 में की थी। इसके बाद से ही दहेज के लिए उसका उत्पीड़न किया जा रहा था। मां का आरोप था कि ससुराली बेटी को जन्म देने के कारण भी शिप्रा से नाराज थे और उसकी जान लेना चाहते थे। दस जनवरी को ससुरालियों ने उसके साथ मारपीट की और गला दबाकर हत्या कर दी।
इसके बाद शव को जल्द ही जला दिया गया। पुलिस शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच में जुटी हुई थी। 14 जनवरी को आला अधिकारियों के आदेश पर इस मामले में आरोपी पति पंकज, श्वसुर किशनलाल वर्मा, पूनम और आरती के विरुद्ध दहेज हत्या के आरोेप में मुकदमा दर्ज किया गया था। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर परिजनों ने गुरुवार शाम को कैंडल मार्च निकाला। कैंडल मार्च में शहर के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।