हाथरस। सराफा व उससे जुड़े कारोबार पर केंद्र सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क लगाए जाने के विरोध में सराफा कारोबारियों की 20वें दिन भी हड़ताल जारी रही। सराफा बाजार में व्यापारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार सराफा कारोबार पर काला कानून थोप रही है, जो किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि काले कानून में 25 लाख तक ड्यूटी चोरी पकड़े जाने पर सात साल की सजा होगी। टैक्स ड्यूटी नहीं दे पाने की सूरत में जितनी ड्यूटी उतनी पेनाल्टी, एक्साइज ऑफिसर की बात नहीं मानने पर तीन माह की सजा, उससे अभद्र व्यवहार करने पर तीन माह की कैद व जुर्माना दोनों लगेंगे। सोने की पकाई सरकारी संस्था द्वारा करवानी होगी। उक्त कानून से सराफा कारोबार बर्बाद हो जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में मोहन लाल अग्रवाल, रमनमूर्ति शर्मा, विकास शर्मा, महावीर प्रसाद, योगेश, भोलानाथ, शिवम अग्रवाल, राकेश संटू, राजीव, मुकेश अग्रवाल, गिरीश अग्रवाल, राजकुमार कोठीवाल, बलवीर वर्मा, अशोक पाठक, विनोद शर्मा सहित काफी व्यापारी शामिल थे।
हड़ताल से बेरंग नहीं हो जाए होली
अमर उजाला ब्यूरो
हाथरस। सराफा कारोबारियों की हड़ताल ने कारोबारियों ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े मजदूरों का भी बुरा हाल कर रखा है। खासकर होली के त्योहार से पूर्व मजदूरों के सामने काम नहीं मिलने से आर्थिक समस्या खड़ी हो गई है। उनके सामने सवाल यह है कि आखिर वह बिना पैसे के त्योहार कैसे मनाएंगे। यही नहीं अरसे बाद सराफा कारोबारियों को भी यह होली बेरंग होती दिख रही है। वह ग्राहक भी कम परेशान नहीं हैं, जोकि इस उम्मीद में रोज बाजार आ रहे हैं कि काश दुकानें खुल जाएं और उनका काम हो जाए।
हड़ताल से हलाकान सराफा
-केंद्र सरकार के इस कानून से सराफा कारोबार बर्बाद हो जाएगा। इससे दुकानदार, ग्राहक और मजदूरी पर काम करने वाले सभी प्रभावित होंगे। अब तक की हड़ताल से लाखों का नुकसान हुआ है।
- अनिल कुमार, सराफा व्यापारी।
-हड़ताल के चलते स्वर्णकार समाज भी परेशान हैं। सराफा की दुकानें बंद होने से आभूषणों का काम भी नहीं मिल रहा है। इस तरह तो बर्बाद हो जाएंगे।
- गोविंद वर्मा, स्वर्णकार।
-एक दिन में सराफा कारोबार का लाखों रुपये का टर्न ओवर होता है, लेकिन केंद्र सरकार व्यापारी हित में कोई निर्णय नहीं ले रही है। आंदोलन ऐसी ही जारी रहेगा।
- बालकिशन, सराफा व्यापारी।
-सराफा व्यापारियों की हड़ताल से काफी परेशानी हो रही है। पिछले कई दिनों से आभूषण खरीदने थे, लेकिन हड़ताल के चलते कोई भी व्यापारी आभूषण नहीं दे रहा। निकाह में अब आभूषण की जगह नकदी देनी पड़ेगी।
- अब्दुल, ग्राहक।