थाना क्षेत्र के गांव तसींगा के जंगल में बीती 28 जनवरी को हुई एक व्यक्ति की गला दबा की गई हत्या के मामले का बुधवार को पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। इस मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक अभियुक्त अभी फरार है।
एएसपी डॉ. संसार सिंह ने बताया कि 28 जनवरी को गांव तसींगा के जंगल में पोखर के पास चरन सिंह पुत्र कुंवर लाल (36 वर्ष) का शव मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चरन सिंह की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। 23 मार्च को इस मामले में अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इस दौरान विवेचना में अभियुक्त भीमसेन पुत्र कुंवरलाल, बनी सिंह उर्फ बनिया पुत्र भगवान सिंह, गुड्डी देवी पत्नी स्व. चरन सिंह, भूपेंद्र उर्फ बड़ेला पुत्र भगवान सिंह निवासीगण गांव तसींगा थाना सादाबाद के नाम प्रकाश में आए। 28 मार्च को एसपी के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान मुखबिर की सूचना पर उक्त अभियुक्तों को कुरसंडा मोड़ से नगला मांधाता को जाने वाली सड़क से गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि आरोपी भीम सेन, मृतक चरन सिंह का सगा भाई है। भीम सेन के चरन सिंह की पत्नी गुड्डी देवी से अवैध संबंध थे। चरन सिंह ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देखा तो विरोध किया। इस पर भीमसेन व गुड्डी ने चरन सिंह की हत्या के लिए बनी सिंह उर्फ बनिया व भूपेंद्र उर्फ बड़ेला को 60 हजार रुपये में तय किया। जिसमें से 10 हजार रुपये बनी सिंह उर्फ बनिया व भूपेंद्र उर्फ बड़ेला को हत्या करने से पहले दे दिए तथा शेष रुपये हत्या के बाद देने का वादा किया। षड्यंत्र रचकर गांव के पास स्थित तालाब पर चरन सिंह की गला दबाकर हत्या कर दी गई। एएसपी ने बताया कि अभियुक्त भीमसेन, बनी सिंह और गुड्डी देवी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य अभियुक्त भूपेंद्र उर्फ बड़ेला फरार है। अभियुक्तों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में एसओ कुशलपाल सिंह, एसआई कुंवरपाल सिंह, एसआई कमल किशोर, रक्षपाल नाथ एचसीपी दिनेशचंद शर्मा के अलावा कांस्टेबल मोहित कुमार, बलवीर सिंह, नितिन यादव और पुष्पा देवी थे। खुलासे के दौरान एसडीएम अभिषेक सिंह, थानाध्यक्ष केपी सिंह आदि मौजूद थे।