भाजपा के कार्यकर्ता सहायता प्रकोष्ठ के जिला संयोजक देवेंद्रपाल सिंह निवासी किला मुरसान ने मुरसान पुलिस पर उन्हें बेरहमी से पीटने और जबरन शराब पिलाकर उनकी जेब से 51,300 रुपये, मोबाइल फोन और चश्मा आदि सामान निकालने का आरोप लगाया है। भाजपा नेता की मानें तो उनकी सूचना पर पहुंचे उनके साथी कार्यकर्ता उन्हें आधी रात के बाद बमुश्किल थाने से छुड़ाकर लाए।
देवेंद्रपाल का कहना है कि फेसबुक पर मुरसान के ही एक व्यक्ति ने सहारनपुर दंगे से जुड़ी एक आपत्तिजनक पोस्ट डाली, जिसमें एक समाज विशेष के लिए अभद्र टिप्पणी की गई है। वह 25 मई को रात करीब आठ बजे इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने गए। वहां उनसे अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने विरोध किया तो पुलिस उनके साथ मारपीट की गई। अपने बचाव के लिए उन्हें शराबी घोषित करने के लिए जिला अस्पताल ले गए। यहां उनसे एक कागज पर जबरन अंगूठा लगवा लिया। जब वह घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने कार्यकर्ताओं से संपर्क किया। पार्टी नेताओं ने जब पुलिस के आला अधिकारियों से शिकायत की। तब जाकर उन्हें छोड़ा गया। उन्होंने जिम्मेदार पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
खुद को भाजपा नेता बता रहे इस व्यक्ति ने शराब पीकर थाने में सबके सामने जमकर उत्पात मचाया, जिसके बाद इनकी डॉक्टरी कराई गई और इन्हें हवालात में बंद भी किया गया। इनके आरोप सरासर बेबुनियाद और फर्जी हैं।
-रमाकांत पचौरी, थाना प्रभारी मुरसान