कोतवाली चंदपा पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र निवासी मीतई की हत्या का राजफाश करने का दावा किया है। पुलिस ने इस हत्या के आरोप में मृतक के ही भाई भगवान दास को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त आला कत्ल फावड़ा ट्यूबवेल के पास से ही कूड़े-करकट के ढेर से बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी सादाबाद योगेश कुमार ने बताया कि कोतवाली चंदपा पुलिस को इस संबंध में अजय पुत्र हरीशंकर निवासी मीतई ने 30 जुलाई को एक तहरीर दी थी। इसमें उसने कहा कि उसका भाई वीरेंद्र खेत पर बने मंदिर पर सो रहा था। इस दौरान अज्ञात लोगों ने उसके सिर में प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले की जांच की। जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के भाई भगवानदास को हिरासत में लिया गया। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में भगवानदासे ने अपने जुर्म का इकबाल किया। भगवानदास ने बताया कि वीरेंद्र हिस्ट्रीशीटर था। उस पर विभिन्न आपराधिक घटनाओं के 12 मुकदमे भी दर्ज थे। वीरेंद्र ने गलत सोहबत में रहने के कारण अपने हिस्से की छह बीघा जमीन पहले ही बेच दी थी। कुछ दिन पूर्व उसकी मां की मौत हो गई, जिससे मां की मौत के बाद उसके हिस्से में आई तीन बीघा जमीन को भी वह बेचना चाहता था। इसको लेकर फावड़े से प्रहार कर उसने उसकी हत्या कर दी। पुलिस टीम में एसओ चंदपा रमाकांत पचौरी, एसआई नेम सिंह, रामसरन सिंह, कांस्टेबल रामकुमार भाष्कर, विपिन कुमार, उमाशंकर, सुभाष तोमर शामिल रहे।