हाथरस (ब्यूरो)। नव निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय और बसपा समर्थित तीन जिला पंचायत सदस्यों की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बैंच ने अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। इससे विनोद उपाध्याय के गुरुवार को जिला पंचायत अध्यक्ष पद की शपथ लेने का रास्ता साफ हो गया है। विनोद उपाध्याय की ओर से पांच वरिष्ठ वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सभी चारों आरोपियों को अगली तारीख या फिर सीआरपीसी की धारा 173(2) के तहत पुलिस रिपोर्ट दाखिल होने में जो भी पहले हो, तब तक गिरफ्तारी पर रोक लगाई है। कोर्ट ने सिकंदराराऊ पुलिस को इस संबंध में गिरफ्तारी पर रोक संबंधी जरूरी आदेश दिये हैं। विनोद उपाध्याय व तीन जिला पंचायत सदस्यों को जांच में पूरा सहयोग करने को कहा है।
कोर्ट ने कहा कि जब भी पुलिस को जरूरत होगी, सभी आरोपी थाने जाकर पूछताछ में पूरा सहयोग देंगे। मालूम हो कि सपा की जिला पंचायत अध्यक्ष पद की प्रत्याशी ओमवती यादव के काफिले पर पांच जनवरी को हुए जानलेवा हमले में विनोद उपाध्याय व तीन जिला पंचायत सदस्यों को आरोपी बनाया था। चाराें आरोपियों को हाईकोर्ट ने चुनाव से एक दिन पहले छह जनवरी को ही गिरफ्तारी पर एक दिन के लिए स्टे दिया था। 14 जनवरी को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह से पहले सभी सदस्यों की गिरफ्तारी की अटकलें लगाई जा रही थीं। बुधवार को दायर याचिका पर उसी दिन कोर्ट को सुनवाई करनी थी। जस्टिस वी गोपाला गोड़ा और आरके अग्रवाल की पीठ ने आरोपियों को अंतरिम राहत देने का निर्णय लिया।