मौके पर पहुंचे भीम आर्मी के पदाधिकारियों से वार्ता करते एसडीएम व सीओ।
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पुलिस कर्मियों की पिटाई से दलित दिव्यांग विमल की मौत के मामले में अब पुलिस ने आक्रोशित लोगों के खिलाफ तोड़फोड़, जाम लगाने व पथराव करने का मुकदमा कायम किया है। सूत्रों की मानें तो विमल की मौत का कारण पोस्टमार्टम में अस्पष्ट होने के कारण पुलिस बवाल करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के मूड में है। इधर, शासन को भी इस पूरे प्रकरण की आख्या भेज दी गई है। वहीं अभी तक पिटाई करने वाले दो पुलिसकर्मियों की पहचान नहीं हो सकी है।
उल्लेखनीय है कि सोमवार शाम को ढकेल लगाने वाले दिव्यांग विमल निवासी नगला भोजा की कुछ पुलिस कर्मियों ने पिटाई कर दी थी। जिसके बाद उसकी मौत हो गई थी। लोगों का आरोप था कि विमल की पुलिसकर्मियों ने पीट-पीट कर हत्या की है। आक्रोशित लोगों ने करीब तीन घंटे तक आगरा रोड पर जमकर बवाल काटा था। कई सरकारी और निजी वाहनों को पथराव कर क्षतिग्रस्त कर दिया था। एलआईयू के एक इंस्पेक्टर सहित कई पुलिस कर्मियों को पीटा था। जैसे तैसे डीएम एसपी ने मौके पर पहुंच कर मामला शांत कराया था। डीएम ने तत्काल एक लाख रुपए के चेक मृतक के परिजनों को दिया था। मामले में सादाबाद गेट पुलिस चौकी इंचार्ज आशीष यादव व दो अज्ञात पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। शव का रात को तीन बजे पोस्टमार्टम कराया गया था। अब पोस्टमार्टम के बाद स्थिति बदल सी गई है। सूत्रों की मानें तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं है और विसरा जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है। अब ऐसे में पुलिस बवाल करने वालों के खिलाफ सख्त हो गई है। पुलिस ने तोड़-फोड़ करने वालों की पहचान करना शुरू कर दिया है। इसके लिए वीडियो क्लिपों का सहारा लिया जा रहा है। तोडफ़ोड व बवाल की रिपोर्ट बस स्वामी केशव सिंह निवासी लोहर्रा सासनी ने डेढ़ सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराई है। इधर पुलिस भी देर रात अपनी तरफ से इस मामले में बलवा की रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी कर रही थी।